Central Board of Secondary Education ने 12वीं कक्षा के छात्रों को बड़ी राहत देते हुए रीवैल्यूएशन फीस में भारी कटौती का ऐलान किया है। बोर्ड ने रीवैल्यूएशन की फीस ₹100 से घटाकर मात्र ₹25 कर दी है। इस फैसले के बाद छात्रों और अभिभावकों में खुशी का माहौल है।
बोर्ड का यह निर्णय ऐसे समय आया है जब बड़ी संख्या में छात्र रीवैल्यूएशन फीस को लेकर विरोध जता रहे थे। छात्रों का कहना था कि अधिक फीस के कारण कई विद्यार्थी अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच नहीं करा पाते थे। लगातार उठ रही मांगों और विरोध के बाद CBSE ने नियमों में बदलाव करते हुए फीस में कमी करने का फैसला लिया।
सबसे बड़ी बात यह है कि यदि रीवैल्यूएशन के दौरान छात्र के अंक में एक नंबर की भी बढ़ोतरी होती है, तो बोर्ड पूरी फीस वापस करेगा। CBSE का मानना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और छात्रों का भरोसा मजबूत होगा।
बोर्ड अधिकारियों के अनुसार, इस फैसले का उद्देश्य छात्रों पर आर्थिक बोझ कम करना और उन्हें निष्पक्ष मूल्यांकन का बेहतर अवसर देना है। कई शिक्षा विशेषज्ञों ने भी इस कदम का स्वागत किया है और इसे छात्र हित में लिया गया सकारात्मक निर्णय बताया है।
रीवैल्यूएशन प्रक्रिया के तहत छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाओं के अंकों की दोबारा जांच करा सकते हैं। इसमें यह देखा जाता है कि कहीं उत्तरों के मूल्यांकन में कोई गलती तो नहीं हुई या किसी प्रश्न के अंक छूट तो नहीं गए।
इस फैसले के बाद अब अधिक संख्या में छात्रों के रीवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने की संभावना जताई जा रही है। खासतौर पर वे छात्र जिन्हें अपने परिणाम को लेकर संदेह है, उन्हें अब कम खर्च में अपनी कॉपी दोबारा जांच कराने का मौका मिलेगा।
शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि CBSE का यह कदम अन्य बोर्डों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है। इससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों के प्रति संवेदनशीलता दोनों मजबूत होंगी।
फिलहाल छात्रों और अभिभावकों ने बोर्ड के इस फैसले का स्वागत किया है और इसे एक बड़ा राहतभरा कदम बताया है।








