तमिलनाडु में नई सरकार के गठन के बाद कैबिनेट विभागों का औपचारिक बंटवारा कर दिया गया है। मुख्यमंत्री Vijay ने इस बार एक अहम फैसला लेते हुए गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी स्वयं अपने पास रखी है। इस कदम को राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर मजबूत पकड़ बनाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
सरकार की ओर से जारी सूची के अनुसार, कैबिनेट के अन्य मंत्रियों को भी उनके-अपने विभाग सौंप दिए गए हैं। वित्त, स्वास्थ्य, शिक्षा, लोक निर्माण और अन्य प्रमुख विभागों का वितरण अनुभवी और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाकर किया गया है, ताकि प्रशासनिक कामकाज में तेजी लाई जा सके।
मुख्यमंत्री द्वारा गृह मंत्रालय अपने पास रखने के फैसले को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम राज्य में कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और प्रशासनिक नियंत्रण को सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से जोड़ने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
विपक्षी दलों ने भी इस फैसले पर प्रतिक्रिया दी है। कुछ नेताओं का कहना है कि एक ही व्यक्ति के पास गृह मंत्रालय रहने से सत्ता का केंद्रीकरण बढ़ सकता है, जबकि सत्ताधारी पक्ष इसे मजबूत नेतृत्व और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता से जोड़कर देख रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, तमिलनाडु में नई सरकार के गठन के साथ ही आने वाले समय में कई बड़े प्रशासनिक और नीतिगत फैसले देखने को मिल सकते हैं। विभागों के बंटवारे के बाद अब सभी मंत्रियों पर अपने-अपने क्षेत्रों में प्रदर्शन का दबाव बढ़ गया है।
फिलहाल राज्य में नई कैबिनेट पूरी तरह सक्रिय हो चुकी है और सरकार ने प्रशासनिक कामकाज को गति देने के संकेत दिए हैं।








