मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Digvijaya Singh के एक बयान को लेकर राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ‘मैं घोर सनातनी हूं’ कहते हुए अपने रुख को स्पष्ट करने की कोशिश की, जिसके बाद यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तेजी से चर्चा का विषय बन गया है।
बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने मंच पर मौजूद एक महिला नेता, जिन्हें ‘दीदी’ कहकर संबोधित किया गया, का हाथ पकड़कर अपनी बात रखी। इस दृश्य को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ही इस बयान के अलग-अलग राजनीतिक अर्थ निकाल रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस बयान पर निशाना साधते हुए कांग्रेस पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस तरह के बयान सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए दिए जाते हैं, जबकि दूसरी ओर कांग्रेस ने इसे एक सामान्य राजनीतिक अभिव्यक्ति बताया है।
इसी बीच, भाजपा से जुड़े एक नए संगठनात्मक फैसले को लेकर भी चर्चा तेज है, जिसमें ‘महाकाल दर्शन प्रभारी’ जैसे पद का जिक्र सामने आने के बाद सियासी बहस और बढ़ गई है। इस मुद्दे को लेकर भी विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है और इसे राजनीतिक प्रचार से जोड़कर देख रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश की राजनीति में इस तरह के बयान और घटनाएं चुनावी माहौल को और ज्यादा गर्म कर सकती हैं। सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा लगातार ट्रेंड कर रहा है और लोग अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।








