तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों हलचल अपने चरम पर है। आगामी फ्लोर टेस्ट से पहले राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी AIADMK के भीतर बढ़ती नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के असंतोष ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। इसी बीच अभिनेता से नेता बने थलापति विजय की पार्टी TVK (तमिलगा वेत्री कझगम) तेजी से राजनीतिक जमीन मजबूत करती नजर आ रही है।
सूत्रों के मुताबिक AIADMK के अंदर लंबे समय से नेतृत्व को लेकर असहमति चल रही थी। कई नेता पार्टी की रणनीति और संगठनात्मक फैसलों से नाराज बताए जा रहे हैं। फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले यह असंतोष सामने आने से पार्टी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि पार्टी के भीतर यह खींचतान जारी रही, तो इसका सीधा असर विधानसभा में शक्ति प्रदर्शन पर पड़ सकता है।
दूसरी तरफ थलापति विजय लगातार युवाओं और नए मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं। उनकी पार्टी TVK ने हाल के महीनों में जमीनी स्तर पर अभियान तेज किया है। विजय की सभाओं में उमड़ रही भीड़ ने पारंपरिक दलों की चिंता बढ़ा दी है। AIADMK में चल रही टूट और असंतोष का सबसे बड़ा फायदा TVK को मिलता दिखाई दे रहा है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि तमिलनाडु की राजनीति लंबे समय से DMK और AIADMK के इर्द-गिर्द घूमती रही है, लेकिन अब समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। विजय की एंट्री ने युवाओं और पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं के बीच नया उत्साह पैदा किया है। ऐसे में यदि AIADMK अपनी अंदरूनी कलह को जल्द नियंत्रित नहीं कर पाती, तो आने वाले चुनावों में उसे भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
फ्लोर टेस्ट को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों पूरी ताकत झोंक रहे हैं। वहीं TVK इस मौके को अपने राजनीतिक विस्तार के रूप में देख रही है। पार्टी के कई नेता दावा कर रहे हैं कि आने वाले समय में TVK तमिलनाडु की राजनीति में तीसरी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरेगी।
अब सबकी नजरें फ्लोर टेस्ट और AIADMK के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि पार्टी में टूट और असंतोष बढ़ता है, तो तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं थलापति विजय के लिए यह मौका राजनीतिक करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है।








