देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर एक बार फिर बड़ा खुलासा सामने आया है। जांच एजेंसियों की ताजा रिपोर्ट में दावा किया गया है कि परीक्षा से पहले पेपर लीक की साजिश को अंजाम देने के लिए एक संगठित गिरोह सक्रिय था, जिसने कथित तौर पर एक डॉक्टर से 30 लाख रुपये में प्रश्नपत्र हासिल किया था।
सूत्रों के अनुसार इस पूरे नेटवर्क में दो भाइयों की भूमिका सबसे अहम बताई जा रही है, जिन्होंने पेपर खरीदने और आगे उसे देशभर में फैलाने की योजना तैयार की। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि यह सौदा हरियाणा के गुरुग्राम और राजस्थान के सीकर जैसे इलाकों तक फैले मेडिकल एंट्रेंस माफिया से जुड़ा हुआ था।
जांच एजेंसियों का कहना है कि पेपर लीक केवल एक जगह तक सीमित नहीं था, बल्कि इसे सुनियोजित तरीके से कई राज्यों में भेजा गया। परीक्षा से पहले ही कुछ अभ्यर्थियों तक प्रश्नपत्र और उत्तर पहुंचाने की कोशिश की गई, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस मामले में सामने आए डिजिटल और बैंकिंग लेनदेन के सबूतों की भी जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि पूरी साजिश एक नेटवर्क की तरह काम कर रही थी, जिसमें कोचिंग सेंटर से जुड़े कुछ लोग, बिचौलिए और मेडिकल क्षेत्र से जुड़े संदिग्ध व्यक्ति शामिल हो सकते हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह देश की परीक्षा प्रणाली के लिए एक बड़ा झटका होगा। NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में इस तरह की गड़बड़ी न सिर्फ छात्रों के भविष्य पर असर डालती है, बल्कि पूरी व्यवस्था पर भरोसा भी कमजोर करती है।
फिलहाल एजेंसियां इस पूरे मामले की तह तक जाने में जुटी हैं और कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पेपर लीक का असली मास्टरमाइंड कौन है और इसमें किन-किन लोगों की संलिप्तता है।
सरकार की ओर से भी इस मामले को गंभीरता से लिया गया है और सख्त कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
NEET घोटाले के इस नए खुलासे ने एक बार फिर देश में परीक्षा सुरक्षा और सिस्टम की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब सभी की नजरें जांच के अगले चरण और आने वाले आधिकारिक खुलासों पर टिकी हैं।








