पुलिस को दिए अपने कबूलनामे में शिल्पी ने इतने हैरान कर देने वाले खुलासे किए कि जांच टीम भी दंग रह गई।
पूरा मामला क्या है?
पुलिस के अनुसार, शिल्पी कुमारी मोतिहारी के चिरैया थाना क्षेत्र की रहने वाली है। वह अपने पड़ोसी युवक नीतीश से प्रेम करती थी। नीतीश के परिवार ने उनके रिश्ते का विरोध किया, खासकर नीतीश के दादा ने। नाराज शिल्पी ने बदला लेने का फैसला किया।
पहले उसने नीतीश के दादा को जिंदा आग के हवाले कर दिया। इसके बाद जब 5 वर्षीय अंशिका (जिसे वह अपनी मुंहबोली बहन कहती थी) रिश्ते में बाधा बनने लगी, तो शिल्पी ने उसे भी रास्ते से हटा दिया।
अंशिका की हत्या: शिल्पी ने बच्ची का गला रेतकर हत्या की। शव मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और शिल्पी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में शिल्पी ने ठंडे दिमाग से की गई दोनों हत्याओं का कबूलनामा दे दिया।
चौंकाने वाला कबूलनामा
- शिल्पी ने बताया कि उसने ऑनलाइन साइट से चाकू मंगवाकर हत्या की योजना बनाई थी।
- मर्डर के बाद वह सीधे मंदिर पहुंची और पूजा की।
- उसका प्लान था कि पूरे परिवार को मारकर महायज्ञ करवाएगी ताकि प्रेमी नीतीश से बिना किसी बाधा के शादी हो सके।
- पुलिस को और भी हैरान करने वाली बात – शिल्पी ने कबूल किया कि वह अब तक 18 छोटे-बड़े अपराध कर चुकी है, जिसमें दो हत्याएं, चोरी और आगजनी शामिल हैं।
पुलिस अधिकारी ने बताया, “शिल्पी का बयान सुनकर हम सभी स्तब्ध रह गए। इतनी कम उम्र में इतना ठंडा और क्रूर दिमाग किसी में देखना दुर्लभ है।”
परिवार और इलाके में सदमा
अंशिका की मां ने बताया कि शिल्पी अक्सर उनके घर आती-जाती थी और बच्ची को बहन मानती थी। किसी को अंदेशा भी नहीं था कि वह इतना बड़ा कत्लेआम रच सकती है।
नीतीश के परिवार में पहले ही दादा की जलकर मौत हो चुकी थी, अब इस बच्ची की हत्या ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। लोग कह रहे हैं कि “प्रेम में पागलपन की हद पार कर गई शिल्पी”।
पुलिस की कार्रवाई
- शिल्पी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
- दोनों मामलों में अलग-अलग FIR दर्ज की गई है।
- पुलिस फॉरेंसिक टीम मौके पर जांच कर रही है।
- शिल्पी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।
पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक ने कहा, “यह केस प्रेम और जुनून के खतरनाक रूप को दिखाता है। हम पूरे मामले की गहन जांच कर रहे हैं।”
यह घटना बिहार में बढ़ते सेंसेशनल क्राइम को लेकर फिर से सवाल खड़े कर रही है। युवाओं में प्रेम के नाम पर हिंसा की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं।







