भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामला अब और अधिक गंभीर और संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) दिल्ली की विशेषज्ञ फॉरेंसिक टीम भोपाल पहुंचकर ट्विशा शर्मा का दूसरा पोस्टमार्टम करेगी। इस फैसले के बाद पूरे मामले में नए सवाल और नई उम्मीदें दोनों सामने आ गई हैं। माना जा रहा है कि दूसरी मेडिकल जांच से मौत की असली वजह और उससे जुड़े कई विवादित पहलुओं पर स्पष्टता आ सकती है।
क्या है पूरा मामला?
33 वर्षीय ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या का मामला बताया गया था, लेकिन मृतका के परिवार ने कई गंभीर आरोप लगाए। परिवार का कहना है कि शादी के बाद से ट्विशा को लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के आरोप भी लगाए हैं।
परिजनों का दावा है कि ट्विशा के शरीर पर चोट के कई निशान थे और पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई अहम तथ्यों को नजरअंदाज किया गया। इसी वजह से परिवार ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और दूसरी पोस्टमार्टम की मांग की।
हाई कोर्ट ने क्यों लिया बड़ा फैसला?
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि जब किसी महिला की शादी के कुछ महीनों के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होती है, तो जांच पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि दूसरा पोस्टमार्टम पहले मेडिकल बोर्ड की योग्यता पर सवाल नहीं है, बल्कि जांच को लेकर उठ रहे संदेहों को दूर करने के लिए जरूरी कदम है।
कोर्ट के आदेश के बाद AIIMS दिल्ली ने चार सदस्यीय मेडिकल बोर्ड का गठन किया है, जिसमें वरिष्ठ फॉरेंसिक विशेषज्ञ शामिल हैं। यह टीम भोपाल पहुंचकर शव का दोबारा परीक्षण करेगी।
समर्थ सिंह की मुश्किलें बढ़ीं
इस मामले में ट्विशा के पति समर्थ सिंह मुख्य आरोपी हैं। उन पर दहेज उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कई दिनों तक फरार रहने के बाद समर्थ सिंह को पुलिस ने हिरासत में लिया। अब उन्हें अदालत में पेश किया जाना है।
समर्थ सिंह पेशे से वकील हैं और मामले के बाद उनका वकालत लाइसेंस भी अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है।
पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर क्यों उठे सवाल?
मामले में सबसे ज्यादा विवाद पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर हुआ। परिवार और कुछ कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि रिपोर्ट में चोटों और परिस्थितियों का पर्याप्त विवरण नहीं दिया गया। यही वजह है कि सोशल मीडिया से लेकर अदालत तक इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठी।
विशेषज्ञों का मानना है कि दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब दे सकती है—क्या मौत आत्महत्या थी या किसी दबाव अथवा हिंसा का परिणाम? क्या शरीर पर मौजूद चोटों का सही विश्लेषण हुआ था? और क्या पहली जांच में कोई चूक हुई?
CBI जांच की मांग तेज
मामले की संवेदनशीलता और बढ़ते दबाव के बीच परिवार ने CBI जांच की भी मांग की है। उनका आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के कारण स्थानीय स्तर पर जांच प्रभावित हो सकती है। मध्य प्रदेश सरकार ने भी इस मामले को लेकर केंद्र को रिपोर्ट भेजने के संकेत दिए हैं।
देशभर में चर्चा का विषय बना मामला
ट्विशा शर्मा केस अब केवल एक पारिवारिक विवाद या संदिग्ध मौत का मामला नहीं रह गया है। इसने महिलाओं की सुरक्षा, दहेज कानून, न्यायिक प्रक्रिया और प्रभावशाली परिवारों की भूमिका को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है।
अब पूरे देश की नजरें AIIMS दिल्ली की दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अदालत की अगली सुनवाई पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह केस और बड़े खुलासों की ओर बढ़ सकता है, जो जांच की दिशा पूरी तरह बदल सकते हैं।








