Explore

Search

March 22, 2026 3:06 pm

बहाई हाउस जयपुर में धूमधाम से मनाया गया नौरूज़, एकता और मानवता का संदेश

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

राजस्थान की राजधानी जयपुर में बहाई समुदाय द्वारा बहाई नववर्ष ‘नौरूज़’ का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक वातावरण के साथ मनाया गया। यह कार्यक्रम शुक्रवार, 20 मार्च की शाम को जयपुर स्थित बहाई हाउस में आयोजित किया गया, जिसमें जयपुर शहर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों—बीलबवा, वाटिका, जगतपुरा तथा अन्य स्थानों से बड़ी संख्या में बहाई अनुयायी, विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधि तथा स्थानीय नागरिक शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम में एकता, प्रेम, भाईचारे और मानवता की सेवा का संदेश प्रमुख रूप से देखने को मिला।

नौरूज़ का पर्व वसंत विषुव के साथ मनाया जाता है और बहाई धर्म में इसे नए वर्ष की शुरुआत तथा आध्यात्मिक नवीनीकरण का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक प्रार्थना सभा से हुई, जिसमें उपस्थित सभी लोगों ने ईश्वर की स्तुति करते हुए विश्व शांति, मानव कल्याण और आपसी सद्भाव के लिए प्रार्थना की। इसके बाद नौरूज़ की विशेष प्रार्थना का पाठ किया गया, जिसने पूरे वातावरण को अत्यंत पवित्र और भावपूर्ण बना दिया।

कार्यक्रम के दौरान बहाई आध्यात्मिक सभा के सचिव श्री अनुज अनन्त ने अपने संबोधन में कहा कि
“नौरूज़ केवल नया साल नहीं, बल्कि आत्मिक जागरण का संदेश है। 19 दिनों के उपवास के बाद यह पर्व हमें आत्मसंयम, सेवा और एकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। आज का दिन हमें याद दिलाता है कि पूरी मानव जाति एक ही परिवार है और हमें मिलकर विश्व में शांति और प्रेम स्थापित करना है।”

इसके बाद वक्ता रमन बैरवा ने नौरूज़ के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह पर्व न केवल बहाई धर्म में बल्कि दुनिया की कई संस्कृतियों में नए आरंभ, आशा और प्रकाश का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने सभी को समाज में समानता, शिक्षा और सेवा के मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक और भावनात्मक हिस्सा बच्चों और युवाओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं। बीलबवा, वाटिका और जगतपुरा से आई बालिकाओं ने मधुर गीत और समूह प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। उनकी प्रस्तुति में भक्ति, मासूमियत और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।
इसके अलावा युवा गायक हेत्विक सिंह ने अपनी दमदार और भावपूर्ण गायन प्रस्तुति से पूरे वातावरण को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी आवाज़ में भक्ति और जोश का ऐसा प्रभाव था कि उपस्थित लोग तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साहवर्धन करते रहे।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को “नौरूज़ मुबारक” कहकर शुभकामनाएं दीं और नए वर्ष में समाज के उत्थान, शिक्षा के प्रसार, महिला-पुरुष समानता तथा मानव सेवा के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

यह उत्सव बहाई धर्म के मूल सिद्धांतों—एकता, शांति, समानता, प्रेम और सेवा—का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। कार्यक्रम में सभी धर्मों और समुदायों के लोगों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि विविधता में ही सच्ची एकता छिपी है और यही भावना एक बेहतर समाज का निर्माण कर सकती है।

 

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर