नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच चल रहा युद्ध अब अपने आठवें-नौवें दिन में प्रवेश कर चुका है, जहां दोनों पक्षों से बड़े पैमाने पर हमले जारी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सबसे बड़ा हमला करने की तैयारी तेज कर दी है और जमीनी सैन्य अभियान शुरू करने के मजबूत संकेत दिए हैं।
ट्रंप ने अपने सलाहकारों और रिपब्लिकन नेताओं के साथ विस्तृत चर्चा की है, जिसमें ईरान में अमेरिकी जमीनी सैनिकों की संभावित तैनाती पर विचार किया गया। ट्रंप ने स्पष्ट कहा है कि युद्ध तब तक चलेगा जब तक ईरान “अनकंडीशनल सरेंडर” नहीं करता या उसकी सैन्य क्षमता पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती। उन्होंने कहा, “ईरान को बहुत जोर से मारा जाएगा” और कुछ क्षेत्रों तथा समूहों को “पूर्ण विनाश” के लिए विचाराधीन रखा गया है।
संघर्ष में रूस की परोक्ष भूमिका के संकेत भी मिल रहे हैं, जबकि ईरान ने क्षेत्रीय स्तर पर अपने हमलों को बढ़ाया है। ईरान ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी थाड (THAAD) हवाई रक्षा प्रणाली के रडार सिस्टम को नष्ट कर दिया, जिसकी कीमत लगभग 30 करोड़ डॉलर (करीब 300 मिलियन डॉलर) बताई जा रही है। यह हमला मुवाफ्फक साल्ती एयर बेस पर हुआ, जहां सैटेलाइट इमेजरी से रडार के नष्ट होने की पुष्टि हुई है। इस हमले से गल्फ क्षेत्र की मिसाइल रक्षा व्यवस्था कमजोर हुई है।
दूसरी ओर, इज़राइल ने तेहरान के मेहराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बड़े हमले किए, जहां ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कुद्स फोर्स के 16 विमानों को नष्ट करने का दावा किया गया है। इनमें हिजबुल्लाह को हथियार पहुंचाने वाले विमान और कुछ ईरानी फाइटर जेट शामिल थे, जो इज़राइली वायुसेना के लिए खतरा पैदा कर रहे थे। इज़राइल ने तेहरान में ईंधन डिपो और रिफाइनिंग सुविधाओं पर भी पहली बार हमले किए, जिससे शहर में बड़े विस्फोट और आग लगी।
युद्ध अब क्षेत्रीय स्तर पर फैल चुका है, जिसमें लेबनान, इराक, सीरिया और गल्फ देश प्रभावित हो रहे हैं। ईरान ने इज़राइल पर मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे हैं, जबकि अमेरिका-इज़राइल ने ईरान की नौसेना के 20 से अधिक जहाजों और कई सैन्य ठिकानों को तबाह किया है। ट्रंप ने ईरान के “पूर्ण आत्मसमर्पण” की मांग दोहराई है और कहा है कि युद्ध की कोई निश्चित समयसीमा नहीं है— “जो भी लगेगा, उतना चलेगा।”






