उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) के जयपुर मंडल में कनकपुरा स्टेशन यार्ड पर चल रहे नॉन-इंटरलॉकिंग (Non-Interlocking) तकनीकी कार्य के कारण रेल यातायात पर काफी असर पड़ रहा है। यह कार्य सिग्नलिंग सिस्टम को अपग्रेड करने, ट्रैक और इंटरलॉकिंग व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए किया जा रहा है, जो भविष्य में ट्रेनों की सुरक्षा और गति बढ़ाने में मदद करेगा। लेकिन इस दौरान कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो रहा है, जिसमें रद्दीकरण, मार्ग परिवर्तन (डायवर्जन), आंशिक रद्दीकरण और समय में बदलाव शामिल हैं।
कार्य का मुख्य कारण और प्रभाव
- कनकपुरा यार्ड जयपुर के पास स्थित है और यहां से गुजरने वाली मुख्य लाइनों पर काम चल रहा है।
- नॉन-इंटरलॉकिंग का मतलब है कि पुरानी सिग्नलिंग/इंटरलॉकिंग व्यवस्था को अस्थायी रूप से बंद करके नई व्यवस्था लगाई जा रही है, जिससे यार्ड में ट्रेनों का मूवमेंट सीमित हो जाता है।
- इससे जयपुर-फुलेरा-जोधपुर, जयपुर-दिल्ली, उदयपुर-जयपुर-दिल्ली आदि प्रमुख रूट प्रभावित हैं।
- कार्य मुख्य रूप से मार्च 2026 में जारी है (कुछ रिपोर्ट्स में मई का भी जिक्र है, लेकिन वर्तमान अपडेट्स के अनुसार यह चल रहा है)।
ट्रेनों पर असर की प्रमुख बातें
- कई ट्रेनें रद्द की गई हैं (कुछ दिनों के लिए पूर्ण या आंशिक रूप से)।
- दर्जनों ट्रेनों का मार्ग बदला गया है, खासकर रींगस-रेवाड़ी (RPC रूट) से होकर।
- प्रभावित ट्रेनें अब नारनौल, नीमकाथाना, रींगस और कभी-कभी श्रीमाधोपुर आदि स्टेशनों पर रुक रही हैं।
- यह बदलाव हरियाणा के नारनौल क्षेत्र के यात्रियों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है, क्योंकि पहले यहां न रुकने वाली लंबी दूरी की ट्रेनें अब ठहराव दे रही हैं। इससे लोकल पैसेंजरों को सुविधा मिल रही है और उन्हें जयपुर या रेवाड़ी तक जाने की जरूरत कम पड़ रही है।
कुछ प्रमुख उदाहरण (हालिया अपडेट्स के आधार पर)
- ट्रेन नंबर 12215 (दिल्ली सराय-बांद्रा टर्मिनस): कुछ ट्रिप्स में रूट बदला गया, रेवाड़ी-रींगस-फुलेरा से होकर चली, नारनौल, नीमकाथाना और रींगस पर ठहराव।
- ट्रेन नंबर 15013 (जैसलमेर-काठगोदाम): मार्ग परिवर्तन के साथ रींगस, नीमकाथाना और नारनौल पर रुकी।
- उदयपुर-जयपुर इंटरसिटी जैसी कुछ ट्रेनें अजमेर तक ही सीमित कर दी गईं।
- कुल मिलाकर 65+ ट्रेनें प्रभावित, जिनमें से 4 पूरी तरह रद्द और बाकी डायवर्ट/रेगुलेटेड।
यात्रियों के लिए सलाह
- अपनी ट्रेन की लाइव स्थिति NTES ऐप, IRCTC वेबसाइट/ऐप, या 139 नंबर पर जांचें।
- वैकल्पिक रूट या बस/अन्य माध्यम से यात्रा की योजना बनाएं, खासकर अगर आप जयपुर-दिल्ली या जोधपुर रूट पर हैं।
- रेलवे ने यात्रियों से असुविधा के लिए खेद जताया है और कहा है कि यह कार्य सुरक्षा के लिए जरूरी है।
कुल मिलाकर फायदा और नुकसान
- नुकसान: लंबी दूरी की यात्रा में देरी, रद्दीकरण से प्लान बिगड़ना, भीड़ बढ़ना।
- फायदा: नारनौल, नीमकाथाना जैसे छोटे स्टेशनों पर बड़ी ट्रेनों का ठहराव, लोकल यात्रियों को नई सुविधा।
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