ट्रांजिट रिमांड के बाद शिमला के शोघी बैरियर पर दिल्ली पुलिस और हिमाचल प्रदेश पुलिस के बीच देर रात हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। यह विवाद दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान ‘शर्टलेस प्रोटेस्ट’ करने वाले तीन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी से जुड़ा है।
तीन आरोपियों—सौरभ सिंह, अरबाज खान और सिद्धार्थ अवधूत—को दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की टीम ने शिमला जिले के रोहड़ू (चिड़गांव) के एक रिसॉर्ट से गिरफ्तार किया था। आरोपियों के साथ उनकी महिंद्रा थार गाड़ी और रिसॉर्ट के CCTV DVR भी जब्त किए गए थे। हिमाचल पुलिस ने दिल्ली टीम पर बिना उचित प्रक्रिया और रसीद के DVR जब्त करने तथा अपहरण जैसी कार्रवाई का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज की और दिल्ली पुलिस के 15-20 जवानों को शुरुआत में रोका/हिरासत में लिया।
ट्रांजिट रिमांड के लिए आरोपियों को रात में मेडिकल जांच के बाद स्थानीय ACJM कोर्ट (एसीजेएम एकांश कपिल) में पेश किया गया। आधी रात कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को 18 घंटे का ट्रांजिट रिमांड प्रदान किया। लेकिन रिमांड मिलने के बाद भी शोघी बैरियर पर हिमाचल पुलिस ने दिल्ली टीम को फिर रोका, DVR और थार गाड़ी को लेकर तीखी बहस हुई। दिल्ली पुलिस ने जब्ती मेमो साझा करने के बाद विवाद सुलझा और सुबह करीब 5:45-6 बजे आरोपियों, DVR और थार गाड़ी के साथ शिमला से दिल्ली के लिए रवाना हुई।
अब तीनों आरोपियों को दिल्ली में स्थानीय मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा, जहां आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई होगी। इस घटना ने दो राज्यों की पुलिस के बीच अंतर-राज्यीय अधिकार क्षेत्र और प्रक्रियागत मुद्दों पर बहस छेड़ दी है।






