पंजाब के लुधियाना में एक पिज्जा आउटलेट के बाहर हुई फायरिंग की घटना से इलाके में दहशत फैल गई। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने महज कुछ सेकंड के भीतर तीन राउंड फायर किए और मौके से फरार हो गए। अचानक हुई गोलीबारी से आउटलेट के आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह घटना उस समय हुई जब पिज्जा आउटलेट पर लोगों की आवाजाही थी। अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी और देखते ही देखते वहां मौजूद लोग सुरक्षित जगहों की ओर भागने लगे। पूरी घटना बेहद कम समय में हुई, जिसके कारण कई लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही हमलावर वहां से निकल गए।
बताया जा रहा है कि फायरिंग में आउटलेट को निशाना बनाया गया। घटना के बाद इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि वारदात को अंजाम देने वाले लोग कौन थे और उनका मकसद क्या था।
सोशल मीडिया पर गैंग का दावा
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक गैंग की ओर से कथित तौर पर फायरिंग की जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया है। हालांकि, पुलिस ने इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने और इसकी सत्यता की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर सामने आने वाले किसी भी दावे को जांच के बाद ही प्रमाणित माना जाएगा।
पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या फायरिंग किसी धमकी, वसूली या आपसी विवाद से जुड़ी हुई थी। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि हमलावर पहले से आउटलेट की रेकी कर रहे थे या घटना अचानक अंजाम दी गई।
सीसीटीवी फुटेज से सुराग तलाश रही पुलिस
जांच में सीसीटीवी फुटेज अहम भूमिका निभा सकती है। पुलिस आसपास की दुकानों और प्रतिष्ठानों में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग भी जुटा रही है, ताकि हमलावरों की पहचान और उनके भागने की दिशा का पता लगाया जा सके। घटनास्थल से मिले संभावित सबूतों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
फायरिंग की इस घटना के बाद स्थानीय कारोबारियों और लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले इलाके में इस तरह गोलीबारी होना गंभीर मामला है और पुलिस को आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई करनी चाहिए।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। फायरिंग के पीछे की वास्तविक वजह, हमलावरों की पहचान और सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने वाले दावे की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। घटना ने एक बार फिर शहर में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।








