वर्ष 2026 की सबसे चौंकाने वाली बॉक्स ऑफिस सफलताओं में शामिल फिल्म ‘हनुमान अंश’ इन दिनों अपनी कमाई से ज्यादा फिल्म के पर्दे के पीछे चल रहे विवाद को लेकर सुर्खियों में है। संत नीम करोली बाबा के जीवन, उनके आध्यात्मिक व्यक्तित्व और महिमा पर आधारित इस भक्तिपूर्ण बायोपिक ने बेहद कम बजट में तैयार होने के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। महज 2 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस फिल्म ने दर्शकों के बीच ऐसी लोकप्रियता हासिल की, जिसकी उम्मीद शायद इसके निर्माताओं ने भी नहीं की होगी। उपलब्ध बॉक्स ऑफिस आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म ने दुनियाभर में लगभग 452.86 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। हालांकि, इतनी बड़ी सफलता मिलने के बाद अब फिल्म की निर्माण टीम के बीच श्रेय, प्रचार और बौद्धिक संपदा अधिकारों यानी आईपी राइट्स को लेकर विवाद गहरा गया है।
शानदार कमाई के बाद बढ़ा निर्माताओं के बीच टकराव
फिल्म ‘हनुमान अंश’ 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। शुरुआत में फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षाकृत धीमी प्रतिक्रिया मिली, लेकिन धीरे-धीरे दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और मौखिक प्रचार ने इसकी लोकप्रियता बढ़ा दी। दर्शकों के बीच फिल्म की चर्चा बढ़ने के साथ ही इसकी कमाई में भी लगातार इजाफा होता गया। हर गुजरते सप्ताह के साथ फिल्म ने नए रिकॉर्ड बनाए और देखते ही देखते यह साल की सबसे बड़ी कारोबारी सफलताओं में शामिल हो गई।
हालांकि, फिल्म की इस असाधारण सफलता के बाद इसकी मुख्य निर्माण टीम के बीच सब कुछ सामान्य नहीं रहा। मीडिया में सामने आई खबरों के अनुसार, विवाद की शुरुआत फिल्म के प्रचार, मीडिया कवरेज और सार्वजनिक रूप से इसका श्रेय लेने को लेकर हुई। बताया जा रहा है कि फिल्म के कुछ प्रमुख निर्माताओं को आपत्ति थी कि निर्माण टीम का एक सदस्य दूसरे सहयोगियों की तुलना में अधिक प्रचार और मीडिया में प्रमुखता हासिल कर रहा है। इसी बात को लेकर टीम के भीतर मतभेद बढ़ने लगे।
इस पूरे विवाद में फिल्म की 21 वर्षीय सह-निर्मात्री अनुप्रिया नागर का नाम भी सामने आया है। बताया जाता है कि वह फिल्म के पोस्ट-प्रोडक्शन चरण के दौरान टीम से जुड़ी थीं। इसके बाद उन्होंने कई मीडिया साक्षात्कारों में फिल्म को लेकर अपनी बात रखी और खुद को इसके प्रमुख चेहरों में प्रस्तुत किया। उन्होंने ‘हनुमान अंश’ को तीन फिल्मों की श्रृंखला यानी ट्रिलॉजी बताते हुए इसके दूसरे भाग की जल्द घोषणा होने के संकेत भी दिए थे। इसी के बाद फिल्म के अन्य निर्माताओं के बीच असहमति और अधिक बढ़ने की चर्चा है।
निर्माताओं का आधिकारिक बयान, सभी अधिकार साझा होने का दावा
बढ़ते विवाद के बीच स्वयंभू मीडिया नेटवर्क के बैनर तले एक आधिकारिक बयान जारी किया गया है। फिल्म के निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी और सह-निर्मात्री नम्रता जी. सिंह ने कंपनी में अपनी जिम्मेदारी को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में स्पष्ट करते हुए फिल्म से जुड़े अधिकारों और प्रचार गतिविधियों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी है।
आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया गया है कि फिल्म के अधिकार किसी एक व्यक्ति के पास नहीं हैं, बल्कि चारों निर्माताओं के बीच हुए साझा समझौते के तहत आते हैं। इनमें नम्रता जी. सिंह, डॉ. विशाल चतुर्वेदी, रागिनी सोना और अनुप्रिया नागर शामिल हैं। बयान के मुताबिक, फिल्म के थिएट्रिकल वितरण अधिकार, ओटीटी प्रसारण अधिकार, सैटेलाइट अधिकार, संगीत अधिकार और गेमिंग से जुड़े अधिकार सभी चारों निर्माताओं के साझा समझौते का हिस्सा हैं।
निर्माण पक्ष ने यह भी स्पष्ट किया है कि कोई भी एक व्यक्ति अपनी मर्जी से फिल्म के अधिकारों की बिक्री नहीं कर सकता और न ही उसे फिल्म की ओर से स्वतंत्र रूप से आधिकारिक प्रतिनिधित्व करने का अधिकार है। इस बयान के माध्यम से उन खबरों और दावों पर भी सवाल उठाया गया है, जिनमें फिल्म के अधिकारों को लेकर अलग-अलग तरह की जानकारी सामने आ रही थी।
बिना लिखित अनुमति प्रचार और मीडिया बयान देने पर भी रोक
आधिकारिक नोटिस में फिल्म से जुड़ी प्रचार और विपणन गतिविधियों को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अनुसार, ‘हनुमान अंश’ के नाम पर किसी भी प्रकार का प्रचार अभियान चलाने, मार्केटिंग करने, पुरस्कारों से जुड़े दावे प्रस्तुत करने या मीडिया में आधिकारिक बयान देने से पहले अधिकृत माध्यम से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
निर्माण पक्ष ने स्पष्ट किया है कि नम्रता जी. सिंह और डॉ. विशाल चतुर्वेदी की पूर्व लिखित स्वीकृति के बिना फिल्म से संबंधित कोई भी सार्वजनिक प्रचार या आधिकारिक दावा मान्य नहीं माना जाएगा। नोटिस में इन निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दी गई है।
इस पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट है कि फिल्म की शानदार सफलता के बाद अब इसके अधिकारों और आधिकारिक प्रतिनिधित्व को लेकर निर्माताओं के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। हालांकि, विवाद के सभी पहलुओं और संबंधित पक्षों की अलग-अलग प्रतिक्रियाओं को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है।
क्या विवाद के कारण अटक जाएगा ‘हनुमान अंश पार्ट-2’?
फिल्म के दूसरे भाग को लेकर भी अब सवाल खड़े होने लगे हैं। अनुप्रिया नागर ने हाल ही में अपनी स्वतंत्र प्रोडक्शन कंपनी शुरू करने और फिल्म निर्माण के अपने अनुभवों पर एक पुस्तक लिखने की इच्छा जाहिर की थी। दूसरी ओर, बाकी तीन निर्माताओं की ओर से इस फिल्म फ्रैंचाइजी को आगे बढ़ाने की अलग योजना होने की चर्चा है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ‘हनुमान अंश’ का दूसरा भाग दर्शकों के सामने आ पाएगा या फिर निर्माताओं के बीच चल रहा विवाद इसकी राह में बाधा बन जाएगा। फिल्म के पहले भाग को मिली जबरदस्त सफलता के बाद दर्शक इसके अगले हिस्से को लेकर काफी उत्साहित हैं। लेकिन फिल्म के अधिकारों और निर्माण से जुड़े मतभेदों के सार्वजनिक होने से इसके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
सोशल मीडिया पर भक्तों और दर्शकों की नाराजगी
फिल्म के निर्माताओं के बीच विवाद सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। नीम करोली बाबा के अनुयायियों और सिनेमा प्रेमियों के बीच इस घटनाक्रम को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है। कई दर्शकों का मानना है कि जिस फिल्म को लोगों ने इतना प्यार दिया और जिसने बेहद कम बजट में इतनी बड़ी सफलता हासिल की, उसके निर्माताओं को आपसी विवादों के बजाय फिल्म की विरासत और आगे की कहानी पर ध्यान देना चाहिए।
दर्शकों का कहना है कि ‘हनुमान अंश’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि संत नीम करोली बाबा के जीवन और आध्यात्मिक विचारों को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करने का प्रयास है। ऐसे में इसके निर्माण से जुड़े लोगों के बीच अधिकारों और प्रचार को लेकर चल रहा विवाद फिल्म की प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकता है।
फिलहाल ‘हनुमान अंश’ की रिकॉर्डतोड़ कमाई के बाद शुरू हुआ यह विवाद फिल्म जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि चारों निर्माता आपसी मतभेदों को किस तरह सुलझाते हैं और क्या दर्शकों को इस सफल फिल्म का दूसरा भाग देखने को मिलेगा।








