मुंबई । मुंबई में महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने 32 वर्षीय एक मोटरबाइक टैक्सी चालक को सोशल मीडिया पर कथित तौर पर भड़काऊ टिप्पणियां और प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के प्रमुख मसूद अजहर से जुड़े वीडियो पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। हालांकि, शुरुआती पूछताछ में ATS को आरोपी का पाकिस्तान से कोई संपर्क होने का सबूत नहीं मिला। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर अकेले ही आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट कर रहा था। इसके बाद उसे आगे की जांच के लिए मुंबई के माहिम पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया।
कौन है गिरफ्तार आरोपी?
पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर के रूप में हुई है। वह मुंबई के माहिम इलाके में एलजे रोड का निवासी बताया गया है और ऐप आधारित मोटरबाइक टैक्सी चलाता है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के मोबाइल फोन की जांच के दौरान मसूद अजहर से जुड़े वीडियो और ऑडियो क्लिप मिले। इसके अलावा, उसके सोशल मीडिया अकाउंट और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर गतिविधियों की भी जांच की गई।
ATS को कैसे मिली आरोपी की जानकारी?
महाराष्ट्र ATS को 21 अक्टूबर को एक विशेष सूचना मिली थी। इसमें दावा किया गया था कि माहिम का एक निवासी पाकिस्तानी खुफिया एजेंट (PIO) के संपर्क में है। इस सूचना के आधार पर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
जांच के दौरान अधिकारियों ने उसके मोबाइल फोन और ऑनलाइन गतिविधियों की पड़ताल की। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने व्हाट्सऐप, टेलीग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म पर कई ग्रुप बनाए थे और उनमें सक्रिय था।
हालांकि, ATS की शुरुआती जांच में पाकिस्तान से संपर्क होने का कोई सबूत नहीं मिला। इसके बाद आरोपी को स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया।
सोशल मीडिया पर क्या पोस्ट करने का है आरोप?
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संबंधित एक पोस्ट के नीचे कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। इसके अलावा, उसने जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक मसूद अजहर के वीडियो विभिन्न ऑनलाइन ग्रुपों में साझा किए थे।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि आरोपी ने ऐसी अन्य पोस्ट भी लिखीं, जिनसे दो समुदायों के बीच वैमनस्य बढ़ सकता था। पुलिस ने यह भी दावा किया कि कुछ पोस्ट में जिहाद का आह्वान किया गया था।
इसके अलावा, आरोपी के कुछ कथित कट्टरपंथी और पाकिस्तान समर्थित ऑनलाइन समूहों से जुड़ाव की भी जांच की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
माहिम पुलिस कर रही है आगे की जांच
ATS की प्रारंभिक पूछताछ के बाद आरोपी को माहिम पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। यह धारा विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य को बढ़ावा देने से संबंधित अपराधों पर लागू होती है।
फिलहाल पुलिस आरोपी की सोशल मीडिया गतिविधियों, कथित पोस्ट और ऑनलाइन समूहों से उसके संबंधों की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान से किसी संपर्क का सबूत शुरुआती जांच में नहीं मिला है। मामले में आगे की जानकारी विस्तृत जांच के बाद सामने आने की उम्मीद है।








