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September 28, 2026 3:54 pm

बच्चे के जन्म पर मिलेगा गोल्ड रिंग का तोहफा, CM विजय ने खुद किसे पहनाई सोने की अंगूठी?

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चेन्नई/मदुरै: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार, 28 सितंबर 2026 को नवजात बच्चों के लिए बहुचर्चित ‘थाईमामन थंगा मोथिरम’ (मामा की ओर से सोने की अंगूठी) योजना की आधिकारिक शुरुआत कर दी। योजना का शुभारंभ मदुरै के सरकारी राजाजी अस्पताल में किया गया। इसके तहत पात्र नवजात बच्चों को 22 कैरेट सोने की 1 ग्राम की अंगूठी दी जाएगी।

CM विजय ने नवजातों को दिया सोने का तोहफा

योजना के लॉन्च कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने अस्पताल में नवजात बच्चों और उनके परिवारों से मुलाकात की। कार्यक्रम में उन्होंने बच्चों को गोद में लिया और उनकी माताओं को सोने की अंगूठियों के बॉक्स सौंपे। राज्यव्यापी शुरुआत के दौरान 25 नवजात बच्चों को 22 कैरेट की एक-एक ग्राम सोने की अंगूठी देने की जानकारी सामने आई है।

क्या है ‘थाईमामन थंगा मोथिरम’ योजना?

तमिल में ‘थाईमामन’ का अर्थ मां का भाई यानी मामा होता है। इसी पारंपरिक रिश्ते को ध्यान में रखते हुए योजना का नाम ‘थाईमामन थंगा मोथिरम’ रखा गया है। सरकार के मुताबिक इसका उद्देश्य नवजात बच्चों के जन्म को खास बनाना और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव को बढ़ावा देना है।

किन बच्चों को मिलेगा लाभ?

योजना के तहत तमिलनाडु के सरकारी अस्पतालों या सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जन्म लेने वाले पात्र बच्चों को एक ग्राम सोने की अंगूठी दी जाएगी। उपलब्ध सरकारी जानकारी के मुताबिक 22 जून 2026 या उसके बाद जन्मे पात्र बच्चों को योजना में शामिल किया गया है। साथ ही परिवार का तमिलनाडु का स्थायी निवासी होना भी पात्रता से जुड़ी शर्तों में शामिल है।

सरकार ने खरीदीं 1.28 लाख सोने की अंगूठियां

योजना के शुरुआती चरण के लिए तमिलनाडु सरकार ने करीब 1.28 लाख एक-एक ग्राम की सोने की अंगूठियां खरीदी हैं। रिपोर्टों के मुताबिक शुरुआती खरीद के लिए ज्वेलरी कंपनियों को आपूर्ति के आदेश भी दिए गए हैं।

कितना है योजना का बजट?

तमिलनाडु सरकार ने इस योजना के लिए ₹755.83 करोड़ के वार्षिक बजट का प्रावधान बताया है। यह योजना विजय की चुनावी घोषणाओं में शामिल थी, जिसे अब सरकार ने लागू कर दिया है।

सरकारी अस्पतालों में प्रसव को बढ़ावा देने पर जोर

सरकार का कहना है कि योजना का मकसद सिर्फ नवजात को सोने की अंगूठी देना नहीं है, बल्कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और सरकारी अस्पतालों में संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करना भी है। राज्य में गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सेवाओं, प्रसव संबंधी सहायता और नवजात देखभाल को लेकर पहले से कई सरकारी कार्यक्रम संचालित हैं।

इस तरह ‘थाईमामन थंगा मोथिरम’ योजना के तहत अब तमिलनाडु के पात्र सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले नवजात बच्चों के परिवारों को जन्म के साथ ही एक ग्राम सोने की अंगूठी का लाभ मिलेगा। योजना की औपचारिक शुरुआत 28 सितंबर को मदुरै से मुख्यमंत्री विजय ने की।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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