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August 9, 2026 1:04 pm

जनक दीदी से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने सीखी ‘सस्टेनेबल आजीविका’

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इंदौर। इंदौर जिले के जन विकास से जुड़े स्वयं सहायता समूहों की सब्जी-फल बेचने तथा दिहाड़ी मजदूरी करने वाली महिलाओं ने सतत आजीविका के व्यावहारिक पाठ सीखने के लिए जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट का दौरा किया।

सेंटर की निदेशक डॉ. जनक पलटा मगिलिगन (जनक दीदी) ने महिलाओं का स्वागत किया और उन्हें बताया कि पूरा परिसर पवन एवं सौर ऊर्जा से संचालित है तथा बिजली के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर है। महिलाओं को बॉक्स व पैराबोलिक सोलर कुकरों पर बिना धुएं के खाना पकाने का प्रदर्शन दिखाया गया। इसमें घर में उगाई गई जैविक दाल, चावल, सब्जियां, खीर, केक, कुकीज तथा ब्रेड को धूप की मदद से तैयार किया गया।

सोलर फूड प्रोसेसिंग के अंतर्गत सेब तलने, रोस्टिंग तथा सोलर ड्रायर से मटर, मेथी, हरी मिर्च, टमाटर, आंवला और आलू के चिप्स सुखाने की प्रक्रिया भी सिखाई गई। गेंदे के फूल, चुकंदर व पालक के पत्तों को सुखाकर और पीसकर पूरी तरह सुरक्षित प्राकृतिक रंग बनाने का तरीका भी बताया गया। “सब्जियों को सुखाओ, कमाई बढ़ाओ और उद्यमी बनो” का संदेश महिलाओं को दिया गया।

परिसर में सिंदूर, सागौन, महोगनी, पारिजात, कदंब, रीठा, रतनज्योत, महुआ, कबीठ जैसे दुर्लभ पेड़ तथा हड्डी जोड़, गिलोय, पुनर्नवा जैसी औषधीय पौधों (फ्रैक्चर के इलाज में उपयोगी), जड़ी-बूटियों और मसालों को देखकर महिलाएं आश्चर्यचकित व अभिभूत रहीं।

पर्यावरण प्रेमी आभा तिवारी दीदी के साथ पूरे परिसर का भ्रमण कराया गया। जैव-विविधता फार्म में महिलाओं को देशी बीजों के संरक्षण, जैव विविधता तथा जैविक व प्राकृतिक खेती की पारंपरिक एवं वैज्ञानिक विधियों की विस्तृत जानकारी दी गई।

यह एक्सपोजर विजिट महिलाओं के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी साबित हुई। उन्हें पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक व जैविक खेती, देशी बीज संरक्षण तथा सतत आजीविका के व्यावहारिक नवाचार समझने और अपनाने का अवसर मिला। डॉ. जनक पलटा मगिलिगन से संवाद के दौरान ग्रामीण बालिकाओं के सशक्तिकरण, महिलाओं के आत्मनिर्भरता अभियान और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग पर चर्चा हुई।

प्रतिभागी महिलाओं ने बताया कि इस प्रकार के नवाचारों और व्यावहारिक अनुभव को पहली बार इतने नजदीक से देखने-समझने का मौका मिला। प्रोजेक्ट मैनेजर सपना कुमावत ने हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यहां आना अत्यंत प्रेरणादायक और वैज्ञानिक अनुभव रहा। उन्होंने इन सीखों को अपने समुदाय में अपनाने तथा अन्य महिलाओं के साथ साझा कर आजीविका व पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक पहल करने की प्रतिबद्धता जताई।

Sanjeevni Today
Author: Sanjeevni Today

Reporter

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