बरेली (उत्तर प्रदेश): बरेली में परिवार नियोजन योजना पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है, जहां नसबंदी के बावजूद एक महिला के गर्भवती होने की शिकायत ने हड़कंप मचा दिया है। पीड़िता का कहना है कि उसके पहले से ही चार बच्चे हैं और अब बढ़ते खर्च के कारण वह गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रही है।
जानकारी के अनुसार, महिला ने कुछ साल पहले नसबंदी ऑपरेशन कराया था, ताकि परिवार को सीमित रखा जा सके और आर्थिक बोझ कम हो। लेकिन अब अचानक गर्भवती होने की बात सामने आने के बाद वह परेशान है और उसने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
महिला ने एसडीएम को दिए अपने बयान में कहा, “मेरे पहले से ही चार बच्चे हैं, अब इतना खर्च उठाना मेरे लिए संभव नहीं है। नसबंदी के बाद भी ऐसा होना मेरे लिए बहुत बड़ी परेशानी है।” इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन ने भी जांच शुरू कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नसबंदी के मामलों में बेहद कम प्रतिशत में फेलियर की संभावना रहती है, लेकिन हर मामले की विस्तृत जांच की जाती है। इस घटना में भी मेडिकल रिकॉर्ड और ऑपरेशन से जुड़ी जानकारी खंगाली जा रही है।
प्रशासन ने संबंधित स्वास्थ्य केंद्र से रिपोर्ट तलब की है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं ऑपरेशन के दौरान कोई तकनीकी या चिकित्सकीय चूक तो नहीं हुई। साथ ही महिला को आवश्यक चिकित्सकीय सहायता और परामर्श देने की बात भी कही गई है।
इस घटना ने एक बार फिर परिवार नियोजन कार्यक्रमों की प्रभावशीलता और जागरूकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में समय-समय पर फॉलो-अप और मेडिकल जांच बेहद जरूरी होती है, ताकि किसी भी संभावित विफलता को समय रहते समझा जा सके।
फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और प्रशासन की रिपोर्ट के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।







