वॉशिंगटन/तेहरान (20 अप्रैल 2026): मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ओमान की खाड़ी में एक ईरानी झंडे वाले विशाल कार्गो जहाज ‘तौस्का’ (TOUSKA) को जबरन रोककर अपने कब्जे में ले लिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा, “हमने उन्हें रोक दिया! उन्होंने हमारी चेतावनी नहीं मानी, तो हमने उनके इंजन रूम में गोली मारकर उन्हें ट्रैक्स पर रोक दिया।”
घटना क्या हुई?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, USS स्प्रुएंस (USS Spruance) नामक गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर ने ईरानी जहाज को कई घंटों तक चेतावनी दी। जहाज लगभग 900 फीट लंबा था और वजन में एक एयरक्राफ्ट कैरियर के बराबर था। जब ईरानी क्रू ने छह घंटे तक चेतावनी को नजरअंदाज किया और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश की, तब अमेरिकी नौसेना ने इंजन रूम खाली कराने के बाद 5-इंच MK 45 गन से कई राउंड फायर किए। इससे जहाज का प्रोपल्शन सिस्टम पूरी तरह निष्क्रिय हो गया।
इसके बाद अमेरिकी मरीन्स (31st Marine Expeditionary Unit) ने जहाज पर बोर्डिंग की और उसे अपने कब्जे में ले लिया। अब मरीन्स जहाज पर सवार होकर उसके कार्गो की जांच कर रहे हैं। ट्रंप ने Truth Social पर लिखा, “आज एक ईरानी कार्गो जहाज TOUSKA हमारे नेवल ब्लॉकेड को पार करने की कोशिश कर रहा था। यह उनके लिए अच्छा नहीं गया। हमने उन्हें रोक दिया!”
यह घटना अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी के बाद पहली बड़ी इंटरसेप्शन है।
ईरान का गुस्सा और जवाबी धमकी
ईरान ने इस कार्रवाई को “सशस्त्र डकैती” और सीजफायर का उल्लंघन बताया है। ईरान के हजरत खातम अल-अनबिया सैन्य मुख्यालय ने कहा कि अमेरिका ने एक सिविलियन मालवाहक जहाज पर हमला किया है। तेहरान ने साफ चेतावनी दी है कि वह “करारा जवाब” देगा। ईरानी विदेश मंत्रालय ने इसे “अवैध और आपराधिक कृत्य” करार दिया और कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नाकेबंदी खुद सीजफायर का उल्लंघन है।
शांति वार्ता पर संकट गहराया
यह घटना ठीक उस वक्त हुई है जब इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता शुरू होने वाली थी। ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी डेलिगेशन (जिसमें उपराष्ट्रपति JD वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकोफ और जared कुश्नर शामिल हो सकते हैं) सोमवार को पाकिस्तान पहुंचेगा। लेकिन ईरान ने अभी तक अपनी भागीदारी की पुष्टि नहीं की है और कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि तेहरान बातचीत से इनकार कर सकता है।
दो हफ्ते का सीजफायर बुधवार को खत्म होने वाला है। दोनों तरफ से एक-दूसरे पर उल्लंघन का आरोप लग रहा है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के तेल का पांचवां हिस्सा गुजरता है, इसलिए इस इलाके में कोई भी टकराव ग्लोबल अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा सकता है।
ट्रंप का सख्त रुख
ट्रंप ने बार-बार कहा है कि अगर ईरान डील नहीं मानता तो अमेरिका और भी सख्त कदम उठाएगा। उन्होंने पहले ही ईरान की बिजलीघरों और पुलों को नष्ट करने की धमकी दी थी। इस जहाज कब्जे के बाद ट्रंप का मैसेज साफ है — “हमने उन्हें रोक दिया!”
क्या होगा आगे?
ईरान जवाबी कार्रवाई कर सकता है, जिसमें होर्मुज में माइनिंग या ड्रोन-मिसाइल हमले शामिल हो सकते हैं।
इस्लामाबाद वार्ता अनिश्चित है। अगर बातचीत फेल हुई तो सीजफायर पूरी तरह टूट सकता है।
दुनिया भर के तेल बाजार में पहले से ही अस्थिरता है, इस घटना से कीमतें और बढ़ सकती हैं।
लाइव अपडेट: स्थिति बेहद फ्लुइड है। अमेरिकी मरीन्स अभी भी जहाज पर जांच कर रहे हैं। ईरान की ओर से कोई बड़ा जवाब अभी तक नहीं आया है, लेकिन तनाव चरम पर है।







