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July 16, 2024 2:44 pm

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राष्ट्रपति के अभिभाषण से समझिए: बजट में क्या सरप्राइज; इनकम टैक्स, किसान निधि और होम लोन में छूट….

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18वीं लोकसभा के पहले सत्र में गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने नई सरकार का रोडमैप पेश किया. राष्ट्रपति ने कहा कि भारत तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है. आर्थिक विकास की गति तेज की जाएगी. इस बार के बजट में ऐतिहासिक कदम देखने को मिलेंगे. सरकार ने सेवा और सुशासन की मुहीम चलाई है. राष्ट्रपति के अभिभाषण में आने वाले दिनों के कुछ सामाजिक-आर्थिक इशारे भी मिल रहे हैं.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “आगामी सत्रों में यह सरकार अपने कार्यकाल का पहला बजट पेश करने जा रही है. यह बजट सरकार की दूरगामी नीतियों और भविष्य के विजन का प्रभावी दस्तावेज होगा.” राष्‍ट्रपति ने कहा, “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के संकल्प ने आज भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना दिया है. साल 2021 से लेकर साल 2024 तक भारत ने औसतन 8% की रफ्तार से विकास किया है.” ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार आने वाले दिनों में इन मोर्चों पर कुछ बड़े ऐलान हो सकती है.

बढ़ाया जा सकता है पीएम आवास योजना का फंड 

NDTV के सीनियर पॉलिटिकल एडिटर हिमांशु शेखर मिश्रा बताते हैं, “तीसरी बार केंद्र में आने के बाद मोदी सरकार ने सबसे पहला फैसला गरीबों और ग्रामीणों के हित में लिया था. सरकार ने ऐलान किया था कि शहरी और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले गरीब तबकों के लोगों के लिए 3 करोड़ नए घर बनवाए जाएंगे. इसके लिए सरकार को अच्छे-खासे फंड की जरूरत पड़ेगी. उम्मी है कि बजट में 3 करोड़ नए घर बनवाने के लिए फंड का ऐलान किया जा सकता है.”

हिमांशु शेखर मिश्रा आगे बताते हैं, “1 फरवरी में पेश हुए अंतरिम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 80 हजार करोड़ के फंड का अलॉटमेंट किया था. अब 3 करोड़ नए घर बनवाने का टारगेट मोदी कैबिनेट ने तय किया है. इसके लिए माना जा रहा है कि पीएम आवास योजना के तहत जो फंड पहले अलॉट किया गया है, उसे पूर्णकालिक बजट में बढ़ाया जा सकता है.

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2024 लोकसभा चुनाव में BJP को ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ा झटका लगा है. इन इलाकों में बीजेपी की सीटें कम हुईं हैं. ऐसे में ग्रामीण और कृषि क्षेत्र पर बजट में खास ध्यान दिया जा सकता है. साथ ही भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने और तीसरी आर्थिक महाशक्ति बनाने के लिए भी कुछ बड़े और ऐतिहासिक फैसले बजट में हो सकते हैं.
पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure) पर सरकार का रहेगा फोकस

हिमांशु शेखर मिश्रा कहते हैं, “इस बार के बजट में पूंजीगत खर्च यानी Capital Expenditure पर सरकार का ज्यादा फोकस रहने वाला है. राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में इसके भी संकेत दिए हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है. अब हमारा देश दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर है. अर्थव्यवस्था के तीनों स्तंभों -विनिर्माण, सेवाएं, कृषि को महत्व दिया जा रहा है. राष्ट्रपति के अभिभाषण के इस हिस्से पर गौर करें, तो समझा जा सकता है कि सरकार आने वाले बजट में पूंजीगत खर्च पर फोकस करेगी. यानी सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर और कृषि पर खास ऐलान कर सकती है.”

पीएम किसान योजना के लिए भी होगा खास

अर्थशास्त्री विजय सरदाना बताते हैं, “इस बार के बजट में किसानों और पीएम किसान योजना को लेकर भी खास ऐलान किए जाने के संकेत मिल रहे हैं. राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में इसकी रूपरेखा भी खींच दी है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि के तहत देश के किसानों को 3 लाख 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की है. अब तक 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों को ट्रांसफर की जा चुकी है. आज का भारत अपनी वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपनी कृषि व्यवस्था में बदलाव कर रहा है. इससे उम्मीद की जा रही है कि मोदी सरकार इस बार के बजट में किसानों सम्मान निधि, पीएम किसान योजना को लेकर कुछ बड़ा ऐलान करे.

सरदाना बताते हैं, “सरकार ने खरीफ फसलों के लिए MSP में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी की है. आजकल दुनिया में जैविक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है. भारतीय किसानों के पास इस मांग को पूरा करने की पूरी क्षमता है. इसलिए संभव है कि सरकार बजट में प्राकृतिक खेती और इससे जुड़े उत्पादों की सप्लाई चेन के बारे में कुछ ऐलान करे. इसके अलावा कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर को तेज करने के लिए उपायों की घोषणा हो सकती है.”

डॉ. वेद जैन ने NDTV से कहा, “मुझे लगता है कि वित्त मंत्री इस बार पीएम आवास योजना के लिए फंड्स और बढ़ाने का ऐलान कर सकती हैं. पीएम किसान योजना के तहत किसानों को साल में जो 6000 दिया जाता है, उसमें कुछ बढ़ोतरी संभव है. उद्योग जगत ने भी यह मांग सरकार के सामने रखी है. 2019 के बाद पांच साल में महंगाई भी बढ़ी है. अगर किसानों के हाथ में ज्यादा पैसा होगा तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, किसानों की परचेसिंग पावर बढ़ेगी.”
मिडिल क्लास को इनकम टैक्स में मिल सकती है राहत

अर्थशास्त्री विजय सरदाना कहते हैं, “हर साल बजट को लेकर लोगों की दिलचस्पी टैक्स स्लैब और इनकम टैक्स से जुड़े ऐलानों पर होती है. राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में इनकम टैक्स को लेकर भी संकेत दिए हैं. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार के बजट में मिडिल क्लास को इनकम टैक्स में कुछ राहत दे सकती हैं. न्यू टैक्स रेजिम में इनकम टैक्स स्लैब 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख किया जा सकता है.”

पीएम ने 7 जून को अपने संबोधन में कहा था कि मिडिल क्लास देश के विकास का चालक है. उनकी भलाई और सुविधा हमारी प्राथमिकता है. मोदी ने कहा था कि मिडिल क्लास कैसे कुछ बचत कर सके और उनकी जिंदगी को और कैसे आसान बनाई जा सके, इस दिशा में हम नीति बनाएंगे. इससे संकेत मिलता है कि सरकार बजट में मिडिल क्लास को कुछ राहत दे सकती है.

बजट में इन बातों के ऐलान की भी उम्मीद
– पीएम किसान सम्मान निधि बढ़ाई जा सकती है.
– कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर को तेज करने के लिए उपायों की घोषणा हो सकती है.
– ग्रामीण इलाकों में पीएम आवास योजना को लेकर ऐलान हो सकता है.
– मनरेगा के कार्य दिवस बढ़ाने की संभावना, कृषि से जुड़े कामों को भी शामिल करने को लेकर ऐलान किए जा सकते हैं.
– महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों पर फोकस हो सकता है.
– नई कर प्रणाली में आयकर छूट स्लैब की सीमा 5 लाख की जा सकती है.
– खपत बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है, उपभोक्ताओं के हाथों में अधिक पैसा आने की उम्मीद है.
– हाउंसिग लोन लेने पर भी नई रियायत संभव है.
– पूंजीगत खर्च पर सरकार का ध्यान बना रहेगा, इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाया जा सकता है.
– MSME पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है.
– ओपीएस को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है. इस पर समिति अपनी रिपोर्ट दे चुकी है.
– EV यानी इलेक्ट्रिक व्हीकल को लेकर भी नए इंसेटिव का ऐलान हो सकता है.
– ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा दिया जा सकता है.
– पीएलआई योजना का अन्य क्षेत्रों में विस्तार किया जा सकता है.
–  श्रम सुधारों को लेकर लेबर कोड पर स्पष्टता दी जा सकती है.

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