मात्र मुँह से बोल देने भर से ईश्वर के चुने हुए भक्त शुचिता प्राप्त नहीं कर सकते, अपितु धैर्यवान जीवन और लगातार सेवाकार्यों में प्रवत्त होकर ही वे जगत में प्रकाश फैला पाते हैं।
-बहाई लेखों से
www.bahai.org
-बहाई लेखों से
www.bahai.org
Reporter
WhatsApp us