Samsung India में कर्मचारियों की छंटनी की खबर से टेक और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में हलचल बढ़ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने अपने टीवी और होम अप्लायंसेज कारोबार में करीब 80 से 100 अधिकारियों को अलग-अलग चरणों में नौकरी से हटाया है। इस कार्रवाई की बड़ी वजह बढ़ती लागत, कमजोर बिक्री और मुनाफे के मार्जिन पर बढ़ता दबाव बताया जा रहा है।
महंगे मेमोरी चिप ने बढ़ाई मुश्किल
Samsung India के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक मेमोरी चिप की बढ़ती कीमत है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मेमोरी चिप की कीमतें दोगुने से ज्यादा बढ़ गई हैं। इससे स्मार्टफोन, टीवी और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की लागत बढ़ी है।
कंपनी के लिए स्थिति इसलिए भी चुनौतीपूर्ण है क्योंकि बढ़ी हुई लागत को पूरी तरह ग्राहकों पर डालना आसान नहीं होता। कीमत बढ़ाने से मांग प्रभावित हो सकती है और बिक्री की रफ्तार धीमी पड़ सकती है।
80 से 100 अधिकारियों पर असर
रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा छंटनी में करीब 80-100 अधिकारी प्रभावित हुए हैं। इनमें डायरेक्टर स्तर के अधिकारी, टीम लीड, ब्रांच मैनेजर और एरिया मैनेजर जैसे पद शामिल बताए जा रहे हैं।
छंटनी कथित तौर पर अलग-अलग बैच में की जा रही है। यानी कंपनी एक साथ बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को हटाने के बजाय चरणबद्ध तरीके से अपने संगठन में बदलाव कर रही है।
कमजोर बिक्री ने भी बढ़ाया दबाव
मेमोरी चिप की कीमत बढ़ने के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में मांग को लेकर भी दबाव है। रिपोर्ट्स में भारत में स्मार्टफोन वॉल्यूम में सालाना आधार पर करीब 11-12 फीसदी गिरावट का उल्लेख किया गया है।
Samsung के लिए स्मार्टफोन कारोबार बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन फिलहाल सामने आई छंटनी मुख्य रूप से टीवी और होम अप्लायंसेज कारोबार में बताई जा रही है। स्मार्टफोन टीम को इस दौर की छंटनी से फिलहाल अलग रखा गया है।
रुपये की कमजोरी भी बनी चुनौती
कंपनी की लागत पर भारतीय रुपये की कमजोरी का भी असर पड़ा है। इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में कई कंपोनेंट और कच्चा माल वैश्विक सप्लाई चेन से जुड़ा होता है। ऐसे में मुद्रा में कमजोरी आने पर आयातित कंपोनेंट महंगे हो सकते हैं।
Samsung India के मामले में भी रुपये की कमजोरी और बढ़ती इनपुट लागत को मार्जिन पर दबाव की वजहों में गिना जा रहा है।
सेल्स और मार्केटिंग टीम पर आगे भी असर?
मौजूदा छंटनी के बाद भी कंपनी के कर्मचारियों को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हुई है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि Samsung के इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार की सेल्स और मार्केटिंग टीम के 25 फीसदी तक कर्मचारियों पर आगे असर पड़ सकता है।
हालांकि, यह संभावित प्रभाव है और इसे कंपनी की ओर से घोषित अंतिम छंटनी संख्या नहीं माना जाना चाहिए। मौजूदा रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि दिवाली के बाद टीवी और होम अप्लायंसेज कारोबार में कर्मचारियों की संख्या को लेकर दोबारा समीक्षा हो सकती है।
कंपनी लागत घटाने पर दे रही जोर
Samsung India कुछ क्षेत्रीय कार्यालयों को भी एक साथ करने और संगठनात्मक ढांचे को सरल बनाने की दिशा में कदम उठा रही है। इसका उद्देश्य समान काम करने वाली टीमों और पदों को कम करके ऑपरेशनल लागत घटाना बताया जा रहा है।
कंपनी की FY2025 में भारत से आय करीब ₹1.1 लाख करोड़ रही थी और शुद्ध मुनाफा करीब ₹11,287 करोड़ दर्ज किया गया था। ऐसे में मौजूदा छंटनी को कंपनी के पूरे भारतीय कारोबार के संकट के तौर पर देखना सही नहीं होगा। फिलहाल दबाव खास तौर पर उन कारोबारों में दिखाई दे रहा है, जहां बढ़ती लागत और कमजोर मांग ने मार्जिन को प्रभावित किया है।
आगे क्या होगा?
Samsung India के लिए आने वाला त्योहारी सीजन काफी अहम माना जा रहा है। दिवाली के दौरान स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री बढ़ती है तो कंपनी को बिक्री और मार्जिन पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल इतना साफ है कि महंगे मेमोरी चिप, बढ़ती इनपुट लागत, रुपये की कमजोरी और कमजोर मांग ने इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार के लिए चुनौती बढ़ा दी है। Samsung India का मौजूदा कदम इसी दबाव के बीच लागत और संगठनात्मक ढांचे को नियंत्रित करने की कोशिश के तौर पर सामने आया है।








