
पहलगाम घटना के बाद पाकिस्तान और भारत के बीच जो हवाई संघर्ष शुरू हुआ, वो पूरी दुनिया ने देखा. इस संघर्ष को ईरान-इजराइल, रूस-यूक्रेन वॉर

आतंकवाद के सरपरस्त पाकिस्तान को जुलाई महीने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अगुवाई करने का मौका मिला है. अध्यक्षता का मौका मिलते ही

भारत की अपने पड़ोसी देशों के साथ चुनौती लगातार बढ़ती जा रही है. हालांकि भारत इन चुनौतियों का सामना करने को लेकर पूरी तरह से

चीन की गोद और अमेरिका का दुलार पाकर पाकिस्तान घमंड में चूर था. लेकिन उसका सपना ऐसे टूटेगा, किसी को पता नहीं था. पाकिस्तान को

देश में नेशनल हाईवे पर अक्सर यात्रा करने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि सरकार

इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष को 5 दिन हो गए हैं. मिसाइलें उड़ रही हैं, धमाकों की गूंज सुनाई दे रही है, और पूरा

इजराइल के ताबड़तोड़ हमलों से परेशान ईरान की मदद के लिए एक छोटा सा देश आगे आया है. यह देश है तुर्कमेनिस्तान जिसने पाकिस्तान, तुर्किए

पाकिस्तान से अपना देश संभाला नहीं जा रहा है और दूसरे देशों के युद्ध में कूदने की फिराक में है. भारत से मार खाए हुए

भारत के दो पड़ोसी देश पाकिस्तान और बांग्लादेश में तो चीन की दखलअंदाजी कोई नई बात नहीं रही, लेकिन अब ड्रैगन ने भारत के एक

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाया. इस अभियान के बाद भारत ने दुनिया के अलग-अलग देशों में अपने प्रतिनिधिमंडल
WhatsApp us