रायबरेली में विकास कार्यों और जमीनी समस्याओं को लेकर कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अधिकारियों से जवाब मांगा। बुधवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति यानी दिशा की बैठक में उन्होंने जिले की खराब और गड्ढों वाली सड़कों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। बैठक के दौरान राहुल गांधी ने अधिकारियों के सामने सड़कों की तस्वीरें रखीं और पूछा कि जब विकास कार्यों के लिए सरकार की ओर से बजट उपलब्ध कराया जा रहा है, तो कई इलाकों में सड़कें बदहाल क्यों नजर आ रही हैं।
राहुल गांधी ने अधिकारियों से यह भी जानना चाहा कि जिन सड़कों पर गड्ढे हैं, उनकी मरम्मत के लिए अब तक क्या कार्रवाई की गई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से सड़कवार जानकारी लेने और यह स्पष्ट करने पर जोर दिया कि कौन-सी सड़क किस विभाग या कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी है।
बैठक में सड़क की तस्वीरें दिखाकर उठाया सवाल
रायबरेली के कलेक्ट्रेट स्थित बचत भवन में हुई दिशा समिति की बैठक में जिले के विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की समीक्षा की गई। इसी दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी कुछ सड़कों की तस्वीरें अधिकारियों को दिखाईं। तस्वीरों में सड़कों की खराब स्थिति और गड्ढे दिखाई दे रहे थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल गांधी ने अधिकारियों से सवाल किया कि इन सड़कों की स्थिति इतनी खराब क्यों है और इन्हें दुरुस्त करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सड़कों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, ताकि समस्या सामने आने पर संबंधित विभाग या एजेंसी से जवाब लिया जा सके।
अधिकारियों ने बारिश को बताया सड़क खराब होने की वजह
बैठक में अधिकारियों की ओर से बताया गया कि बारिश के कारण जिले की कुछ सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। प्रशासन के मुताबिक, कई स्थानों पर मरम्मत का काम कराया जा चुका है, जबकि बाकी सड़कों की निगरानी और मरम्मत की प्रक्रिया संबंधित विभागों की ओर से की जा रही है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़ी सड़कों के संबंध में अधिकारियों ने गड्ढों की मरम्मत कराने की बात कही। राहुल गांधी ने सड़क निर्माण और रखरखाव से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी स्पष्ट करने पर जोर दिया।
सड़क के साथ बिजली, पानी और स्वास्थ्य पर भी चर्चा
दिशा समिति की बैठक केवल सड़कों तक सीमित नहीं रही। जिले में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं और जनसमस्याओं पर भी चर्चा हुई। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दे बैठक में उठाए गए।
राहुल गांधी ने अधिकारियों से विकास योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और जरूरी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। स्थानीय स्तर पर लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं, इस पर भी समीक्षा की गई।
जल जीवन मिशन के तहत खोदी गई सड़कों का भी मुद्दा
बैठक में जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत में देरी का मुद्दा भी सामने आया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बताया कि कई जगह पाइपलाइन का काम पूरा होने के बाद सड़क की स्थिति पहले जैसी करने में देरी हो रही है।
ऐसे में ग्रामीण और स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। बैठक में सड़क निर्माण और मरम्मत से जुड़े विभागों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत पर भी जोर दिया गया।
अधिकारियों से मांगी गई जवाबदेही
राहुल गांधी के सवालों का मुख्य केंद्र यही रहा कि सरकारी योजनाओं के लिए धन और संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद जमीनी स्तर पर काम की गुणवत्ता और गति में कमी क्यों दिखाई दे रही है। उन्होंने अधिकारियों से केवल योजना की जानकारी देने के बजाय उसके वास्तविक परिणामों पर ध्यान देने की जरूरत बताई।
सड़कों की तस्वीरें बैठक में दिखाए जाने के बाद संबंधित अधिकारियों से खराब हिस्सों की पहचान कर मरम्मत कराने की बात कही गई। इससे सड़क निर्माण और रखरखाव की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन की जिम्मेदारी एक बार फिर चर्चा में आ गई।
दो दिवसीय दौरे पर रायबरेली पहुंचे थे राहुल गांधी
राहुल गांधी अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने स्थानीय व्यापारियों, वकीलों, फार्मासिस्टों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इसके अलावा उन्होंने जिले में चल रहे विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की समीक्षा भी की।
दिशा समिति की बैठक के जरिए राहुल गांधी ने स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दों को अधिकारियों के सामने रखा। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि बैठक में उठाए गए सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन की ओर से कितनी तेजी से कार्रवाई होती है।








