कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में सनसनी फैलाने वाले Suvendu Adhikari के निजी सहायक (PA) हत्याकांड मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कई दिनों तक चली जांच, तकनीकी निगरानी और लगातार छापेमारी के बाद पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर समेत तीन आरोपियों को उत्तर प्रदेश और बिहार से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला शुरुआत में पूरी तरह से रहस्य बना हुआ था। घटना के बाद आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन जांच एजेंसियों ने मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखी।
सूत्रों के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपी पहले पश्चिम बंगाल से फरार होकर बिहार पहुंचे। वहां कुछ दिनों तक छिपने के बाद वे उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में ठिकाने बदलते रहे। पुलिस को शक था कि आरोपी किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क की मदद ले रहे हैं। इसके बाद विशेष टीम गठित की गई, जिसने कई राज्यों में लगातार दबिश दी।
जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मोबाइल फोन की लोकेशन से मिला। तकनीकी टीम ने संदिग्ध नंबरों की ट्रैकिंग शुरू की और पता चला कि आरोपी बिहार के रास्ते यूपी पहुंचे हैं। इसके बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने यूपी और बिहार पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाया।
बताया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपियों में एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर भी शामिल है, जिस पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस का दावा है कि इसी आरोपी ने पूरे वारदात की साजिश रची थी। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने कई अहम खुलासे किए हैं। हालांकि पुलिस ने जांच को प्रभावित होने से बचाने के लिए ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को पकड़ने के लिए बेहद सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया गया। टीम लगातार आरोपियों के संपर्कों और वित्तीय लेनदेन पर नजर रखे हुए थी। जैसे ही पुलिस को उनके संभावित ठिकाने की जानकारी मिली, तुरंत छापेमारी कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
इस हत्याकांड के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। विपक्ष ने घटना को लेकर राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, जबकि सत्तारूढ़ दल ने मामले की निष्पक्ष जांच की बात कही है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या के पीछे केवल निजी दुश्मनी थी या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश भी शामिल है। जांच एजेंसियां अब आरोपियों के अन्य सहयोगियों और संभावित कनेक्शन की भी तलाश कर रही हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले में जल्द ही और बड़े खुलासे हो सकते हैं।








