जयपुर: राजस्थान में सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती प्रक्रिया के दौरान जयपुर में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। भर्ती के फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) के दौरान एक महिला अभ्यर्थी को फर्जी दस्तावेजों के साथ परीक्षा देने की कोशिश करते हुए पकड़ लिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में असफल हो चुकी थी, लेकिन उसने एडमिट कार्ड में कथित रूप से डिजिटल एडिटिंग कर उसे सफल अभ्यर्थियों जैसा दिखाकर फिजिकल टेस्ट में प्रवेश करने का प्रयास किया।
भर्ती केंद्र पर दस्तावेजों की नियमित जांच के दौरान अधिकारियों को अभ्यर्थी के एडमिट कार्ड और भर्ती रिकॉर्ड में विसंगति दिखाई दी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने ऑनलाइन रिकॉर्ड और दस्तावेजों का मिलान किया, जिसमें पता चला कि अभ्यर्थी का नाम फिजिकल टेस्ट के लिए पात्र उम्मीदवारों की सूची में शामिल नहीं था। पूछताछ के दौरान भी वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी, जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर पुलिस के हवाले कर दिया गया।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि एडमिट कार्ड में कथित रूप से फोटो और पात्रता संबंधी जानकारी के साथ छेड़छाड़ की गई थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दस्तावेज किसने तैयार किए और इस पूरे मामले में कोई संगठित गिरोह या साइबर नेटवर्क तो शामिल नहीं है। अधिकारियों ने मोबाइल फोन, दस्तावेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच शुरू कर दी है।
भर्ती एजेंसी और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का बहु-स्तरीय सत्यापन किया जा रहा है। किसी भी प्रकार की जालसाजी, फर्जीवाड़े या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद भर्ती प्रक्रिया की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी कर दी गई है। सभी परीक्षा केंद्रों पर दस्तावेज सत्यापन, पहचान पत्रों की जांच और डिजिटल रिकॉर्ड का मिलान और सख्ती से किया जा रहा है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फर्जी एडमिट कार्ड तैयार करने में और कौन-कौन लोग शामिल थे। जांच पूरी होने के बाद संबंधित आरोपियों के खिलाफ भारतीय कानून की प्रासंगिक धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।








