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November 3, 2026 2:38 pm

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ओमान के तट के पास भारतीय ध्वज वाले मालवाहक जहाज ‘अल जुसीफी’ पर हमला, गुजरात के नाविक की मौत; भारत ने तनाव कम करने की अपील की

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नई दिल्ली/मस्कट। ओमान के तट के पास भारतीय ध्वज वाले एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले में गुजरात के 26 वर्षीय भारतीय नाविक की मौत हो गई। मृतक की पहचान गंधार नहींम अजीज के रूप में हुई है। इस हमले में जहाज पर सवार अन्य 13 भारतीय नाविकों को ओमान के तटरक्षक बल ने सुरक्षित बचा लिया। पश्चिम एशिया में फरवरी से जारी संघर्ष के दौरान अब तक जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। इनमें 15 भारतीय नाविक शामिल हैं। इस घटना के बाद भारत ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताते हुए तत्काल तनाव कम करने और कूटनीतिक बातचीत के जरिए शांति स्थापित करने की अपील की है।

जानकारी के मुताबिक, भारतीय ध्वज वाला मालवाहक जहाज एमएसवी अल जुसीफी (MSV Al Jusufi) ओमान के तट के नजदीक समुद्री रास्ते से गुजर रहा था। इसी दौरान सोमवार शाम करीब चार बजे जहाज पर एक अज्ञात हवाई वस्तु से हमला हुआ। जहाज पर कुल 14 भारतीय नाविक सवार थे। केंद्रीय जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हमले के बाद चालक दल के सभी सदस्यों को जहाज छोड़ना पड़ा। उन्होंने कहा कि 13 नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालकर ओमान के तटरक्षक बल ने बचा लिया, लेकिन गुजरात के गंधार नहींम अजीज गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। मंत्री ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया।

केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन गंधार नहींम अजीज की चोटों के कारण दुखद मृत्यु हो गई। उन्होंने कहा कि एक भारतीय नाविक की जान जाने की खबर बेहद पीड़ादायक है। घटना के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी ओमान के लीमाह तट के निकट हुए हमले की कड़ी निंदा की और मृतक नाविक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों को लगातार निशाना बनाए जाने की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। भारत ने एक बार फिर सभी संबंधित पक्षों से तत्काल तनाव कम करने की अपील की है। मंत्रालय ने कहा कि जारी बातचीत को जल्द से जल्द कूटनीतिक समाधान तक पहुंचाया जाना चाहिए, ताकि पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता बहाल हो सके। भारत का मानना है कि क्षेत्र में जारी संघर्ष का समाधान सैन्य टकराव के बजाय बातचीत और कूटनीति के माध्यम से निकाला जाना चाहिए।

मंत्रालय ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने की घटनाएं तत्काल बंद होनी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर नौवहन और व्यापार की स्वतंत्रता को बिना किसी बाधा के बहाल करना आवश्यक है। भारत ने जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप क्षेत्र के समुद्री रास्तों से जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जानी चाहिए। इन समुद्री मार्गों पर किसी भी तरह का खतरा न केवल संबंधित देशों की अर्थव्यवस्था बल्कि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को भी प्रभावित कर सकता है।

समुद्री प्रशासन निदेशालय की ओर से तैयार रिपोर्ट के अनुसार, हमले के बाद जहाज पर सवार सभी 14 नाविकों ने अपनी जान बचाने के लिए लाइफराफ्ट के जरिए जहाज छोड़ दिया था। बचाव अभियान के दौरान 13 नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया। वहीं, गंभीर रूप से घायल गंधार नहींम अजीज को ओमान के खासब बंदरगाह स्थित अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। रिपोर्ट में बताया गया कि मृतक गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले के सलाया क्षेत्र के निवासी थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, एमएसवी अल जुसीफी ने 31 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 11 मिनट पर संयुक्त अरब अमीरात के हमरिया बंदरगाह से गुजरात के पोरबंदर के लिए अपनी यात्रा शुरू की थी। जहाज अपने निर्धारित समुद्री मार्ग से आगे बढ़ रहा था, तभी ओमान के तट के पास उस पर हमला हुआ। हमले की प्रकृति और उसमें इस्तेमाल की गई वस्तु की पहचान को लेकर उपलब्ध जानकारी में इसे अज्ञात हवाई वस्तु बताया गया है।

इस घटना के बाद ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने वहां के अधिकारियों के साथ समन्वय शुरू कर दिया है। दूतावास का प्रयास है कि बचाए गए सभी भारतीय नाविकों की जल्द से जल्द स्वदेश वापसी सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही मृतक गंधार नहींम अजीज के पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया भी संबंधित अधिकारियों के सहयोग से पूरी की जा रही है। भारत सरकार इस मामले में ओमान प्रशासन के संपर्क में है।

पश्चिम एशिया में फरवरी में शुरू हुए संघर्ष के बाद से भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंताएं बनी हुई हैं। यह संघर्ष अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ था। इसके बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ा और कई बार वाणिज्यिक जहाजों को भी निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आईं। अब तक इस संघर्ष में 23 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है, जिनमें 15 नाविक हैं। इसके अलावा कई भारतीय नाविक ऐसे भी हैं, जिनके वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद से लापता होने की सूचना है।

भारत दुनिया में समुद्री नाविकों की सबसे बड़ी आबादी वाले देशों में शामिल है। देश में कुल 3 लाख 20 हजार से अधिक नाविक कार्यरत हैं और इस मामले में भारत फिलीपींस के बाद दुनिया में दूसरे स्थान पर है। इनमें से 18 हजार से अधिक भारतीय नाविक पश्चिम एशिया के समुद्री क्षेत्र में विभिन्न जहाजों पर तैनात हैं। ऐसे में क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और व्यापारिक जहाजों पर हो रहे हमलों ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चुनौतियां पैदा कर दी हैं।

भारत ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर नागरिकों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। ओमान के तट के पास हुई इस घटना ने एक बार फिर पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के व्यापक प्रभाव और समुद्री व्यापार पर मंडराते खतरों को उजागर किया है। भारत की प्राथमिकता प्रभावित नाविकों की सुरक्षित वापसी, मृतक के पार्थिव शरीर को स्वदेश लाना और क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाना है।

Rajesh Bhagtani
Author: Rajesh Bhagtani

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