नई दिल्ली। वर्ष 2027 में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के मद्देनजर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) पूरी तरह से ऐक्शन मोड में आ गया है। चुनाव आयोग ने आगामी चुनावी राज्यों—उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड में चुनाव ड्यूटी से जुड़े अधिकारियों के स्थानांतरण और पदस्थापना (ट्रांसफर-पोस्टिंग) को लेकर विस्तृत और कड़े निर्देश जारी किए हैं।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए चुनावी कामकाज से सीधे तौर पर जुड़े किसी भी अधिकारी को उनके गृह जिले में या फिर एक ही जिले में तीन साल से अधिक समय तक तैनात नहीं रखा जाएगा।
निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, यदि कोई अधिकारी पिछले चार वर्षों में किसी एक जिले में अपनी तीन साल की सेवा पूरी कर चुका है, तो उसका तुरंत तबादला किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, यदि किसी अधिकारी का जिले के भीतर ही किसी अन्य पद पर पदोन्नति (प्रमोशन) हुआ है, तो उस अवधि को भी तीन साल के कार्यकाल की गणना में जोड़ा जाएगा।
आयोग ने अधिकारियों के कार्यकाल के आकलन के लिए राज्यों के हिसाब से अलग-अलग कटऑफ तिथियां निर्धारित की हैं; गोवा, मणिपुर, पंजाब और उत्तराखंड के लिए 31 मार्च 2027 को आधार बनाया गया है, जबकि उत्तर प्रदेश के लिए 31 मई 2027 की कटऑफ तारीख तय की गई है।
आयोग ने सख्त हिदायत दी है कि किसी भी जिला निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग ऑफिसर, सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, या पुलिस उप-निरीक्षक (SI) तथा उससे उच्च स्तर के पुलिस अधिकारियों को ऐसे किसी निर्वाचन क्षेत्र में तैनात न किया जाए जहाँ वे पिछले विधानसभा चुनाव या किसी उपचुनाव के दौरान तैनात रहे हों।
उल्लेखनीय है कि गोवा, मणिपुर, पंजाब और उत्तराखंड की विधानसभाओं का कार्यकाल मार्च 2027 में समाप्त हो रहा है, जबकि उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 को पूरा होगा। इसी के दृष्टिगत आयोग ने समय रहते प्रशासनिक फेरबदल की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए हैं।








