घरेलू सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने और चांदी की चाल अलग-अलग नजर आई। सोने की कीमतों में नरमी देखने को मिली, जबकि चांदी के दामों में तेजी दर्ज की गई। घरेलू वायदा बाजार यानी MCX पर भी सोना दबाव में रहा, जबकि चांदी बढ़त के साथ कारोबार करती दिखी।
MCX पर सोना कमजोर, चांदी मजबूत
23 सितंबर की सुबह MCX पर सोने का भाव करीब 0.13% की गिरावट के साथ ₹1,53,420 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा था। दूसरी ओर, चांदी वायदा करीब 0.31% की बढ़त के साथ ₹2,40,720 प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गई थी। एक अन्य बाजार अपडेट में भी सोने में मामूली कमजोरी और चांदी में तेजी दर्ज की गई।
रिटेल बाजार में भी शहर और स्रोत के हिसाब से कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। दिल्ली में 24 कैरेट सोना करीब ₹1,52,770 प्रति 10 ग्राम और 999 फाइन सिल्वर करीब ₹2,39,790 प्रति किलोग्राम बताई गई। मुंबई में 24 कैरेट सोना करीब ₹1,53,030 और चांदी करीब ₹2,40,210 प्रति किलोग्राम रही।
सोने पर क्यों बना दबाव?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों पर कई कारकों का असर पड़ रहा है। अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें, डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में बदलाव सोने की चाल को प्रभावित कर रहे हैं। Reuters के मुताबिक, 22 सितंबर को सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमत में गिरावट आई थी और ऊंची ब्याज दरों की आशंकाओं ने कीमती धातु पर दबाव बनाया।
इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत से जुड़ी खबरों ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, बातचीत से मध्य-पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीदों के चलते सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग पर भी असर पड़ा।
चांदी की चमक क्यों बढ़ रही है?
सोने की तुलना में चांदी की मांग का एक बड़ा हिस्सा औद्योगिक उपयोग से जुड़ा है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर और कई अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में चांदी का इस्तेमाल होता है। इसी वजह से चांदी की कीमतों पर केवल निवेश मांग ही नहीं, बल्कि औद्योगिक मांग का भी असर पड़ता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी हाल के कारोबार में चांदी ने सोने की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। 22 सितंबर को अमेरिकी बाजार में चांदी करीब 0.16% बढ़ी थी और पिछले पांच कारोबारी सत्रों में से चार में इसमें तेजी दर्ज की गई थी।
क्या अभी खरीदारी का सही मौका है?
सोने या चांदी को लेकर एक ही समय को सभी निवेशकों के लिए ‘सही मौका’ कहना उचित नहीं है। दोनों धातुओं की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर, ब्याज दरों, भू-राजनीतिक घटनाओं और घरेलू मांग जैसे कई कारकों से प्रभावित होती हैं। ऐसे में एक-दो दिन की तेजी या गिरावट को देखकर जल्दबाजी में फैसला लेना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
अगर उद्देश्य आभूषण खरीदना है, तो निवेश के नजरिए से अलग-अलग बातों पर ध्यान देना पड़ता है। वहीं, निवेश के लिए कीमत, अवधि, जोखिम और खरीदने के तरीके को अलग से समझना जरूरी होता है। खासकर चांदी में कीमतों में उतार-चढ़ाव सोने से अलग हो सकता है।
आगे किन बातों पर रहेगी नजर?
आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अमेरिकी ब्याज दरों, डॉलर की चाल, बॉन्ड यील्ड, मध्य-पूर्व की स्थिति और वैश्विक औद्योगिक मांग पर रहेगी। इन घटनाक्रमों का असर सोने और चांदी दोनों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर पड़ सकता है।
इसलिए मौजूदा बाजार में तस्वीर साफ तौर पर ‘सोना कमजोर और चांदी मजबूत’ की दिखाई दे रही है, लेकिन दोनों की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव संभव है। 23 सितंबर के आंकड़े बताते हैं कि फिलहाल चांदी ने सोने के मुकाबले बेहतर गति दिखाई है, जबकि सोना ऊंची ब्याज दरों और मजबूत डॉलर जैसे दबावों से जूझ रहा है।
नोट: सोने-चांदी के खुदरा भाव शहर, ज्वेलर, शुद्धता, GST और अन्य शुल्क के अनुसार अलग हो सकते हैं। ऊपर दिए गए भाव 23 सितंबर 2026 के उपलब्ध बाजार अपडेट पर आधारित हैं।








