एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाने वाली मशहूर कोरियोग्राफर ने एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर खुलकर बात की है। 40 साल की उम्र में भी उन्होंने शादी न करने और अपनी शर्तों पर जिंदगी जीने का फैसला लिया है। उनका यह कदम न सिर्फ चर्चा में है, बल्कि समाज की पारंपरिक सोच को भी चुनौती देता नजर आता है।
कोरियोग्राफर ने अपने करियर की शुरुआत काफी संघर्षों के बीच की थी। उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए कम उम्र में ही घर छोड़ दिया और खुद के दम पर इंडस्ट्री में जगह बनाई। आज वह करोड़ों की मालकिन हैं और अपने हुनर के दम पर एक अलग मुकाम हासिल कर चुकी हैं।
हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उन्होंने कभी शादी को अपनी जिंदगी का जरूरी हिस्सा नहीं माना। उनका कहना है कि वह अपनी आजादी और करियर को ज्यादा महत्व देती हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि उन्हें बच्चों की जिम्मेदारी उठाने में कोई रुचि नहीं है और वह मातृत्व को अपनी प्राथमिकता नहीं मानतीं।
उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। जहां कुछ लोग उनके फैसले की सराहना कर रहे हैं और इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उदाहरण बता रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे पारंपरिक मूल्यों के खिलाफ मान रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते समय के साथ लोगों की सोच में भी बदलाव आ रहा है। अब कई लोग शादी और बच्चों को जीवन की अनिवार्यता नहीं मानते, बल्कि अपने करियर और व्यक्तिगत संतुष्टि को प्राथमिकता देते हैं। इस कोरियोग्राफर का फैसला भी इसी बदलती सोच का प्रतीक माना जा रहा है।
फिलहाल, उनकी यह कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा बन सकती है जो अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीना चाहते हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि सफलता और खुशहाली के लिए पारंपरिक रास्तों पर चलना जरूरी नहीं, बल्कि अपने फैसलों पर भरोसा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।







