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May 11, 2026 4:56 pm

“विदेशी निर्भरता घटाने पर जोर: मोदी बोले—कम खरीदें सोना, कम करें तेल का इस्तेमाल”

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नई दिल्ली। देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और विदेशी आयात पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री Narendra Modi ने नागरिकों से सोने की खरीदारी में संयम बरतने और खाने के तेल का सीमित उपयोग करने की अपील की है। प्रधानमंत्री का कहना है कि भारत हर साल बड़ी मात्रा में सोना और खाद्य तेल विदेशों से आयात करता है, जिससे देश पर आर्थिक दबाव बढ़ता है और विदेशी मुद्रा का बड़ा हिस्सा बाहर चला जाता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ता देशों में शामिल है। त्योहारों, शादी-विवाह और निवेश के रूप में लोग बड़ी मात्रा में सोना खरीदते हैं। हालांकि, इसका अधिकांश हिस्सा विदेशों से आयात किया जाता है। इससे व्यापार घाटा बढ़ता है और देश की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जरूरत के अनुसार ही सोना खरीदें और निवेश के अन्य विकल्पों पर भी ध्यान दें।

पीएम मोदी ने खाने के तेल के बढ़ते आयात को भी चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगाता है, खासकर पाम ऑयल और अन्य खाद्य तेल। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत बढ़ने का सीधा असर भारतीय परिवारों की रसोई पर पड़ता है। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से तेल का संतुलित उपयोग करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि कम तेल का इस्तेमाल न केवल देश की अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी होगा, बल्कि लोगों की सेहत के लिए भी बेहतर साबित होगा। डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी लंबे समय से अत्यधिक तेल के सेवन को हृदय रोग, मोटापा और अन्य बीमारियों का कारण बताते रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने किसानों को तिलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने की बात भी कही। सरकार का लक्ष्य है कि देश खाद्य तेल के मामले में आत्मनिर्भर बने। इसके लिए सरसों, सोयाबीन, सूरजमुखी और मूंगफली जैसी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि देश में सोने की खपत और खाद्य तेल के आयात पर नियंत्रण होता है, तो विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा और भारत की आर्थिक स्थिति अधिक मजबूत बनेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि “वोकल फॉर लोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” अभियान को सफल बनाने के लिए आम जनता की भागीदारी बेहद जरूरी है।

प्रधानमंत्री की इस अपील को आर्थिक सुधार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि जनता इस संदेश को कितनी गंभीरता से अपनाती है और देश को आयात निर्भरता से मुक्त बनाने में कितना सहयोग करती है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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