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April 15, 2026 8:36 pm

गुड बैक्टीरिया बढ़ाने के लिए पिएं ये 5 फंक्शनल ड्रिंक्स, जानें कैसे काम करते हैं

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आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, अनियमित खानपान और प्रोसेस्ड फूड के बढ़ते सेवन का सीधा असर हमारी आंतों की सेहत (गट हेल्थ) पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर की इम्यूनिटी का एक बड़ा हिस्सा आंतों में मौजूद “गुड बैक्टीरिया” यानी लाभकारी सूक्ष्मजीवों पर निर्भर करता है। ऐसे में फंक्शनल ड्रिंक्स को डाइट में शामिल करना गट हेल्थ को सुधारने का एक आसान तरीका माना जा रहा है।

डायटीशियन का कहना है कि कुछ प्राकृतिक और फर्मेंटेड ड्रिंक्स नियमित रूप से लेने से आंतों में अच्छे बैक्टीरिया की संख्या बढ़ सकती है, जिससे पाचन बेहतर होता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है।

1. छाछ (Buttermilk)

छाछ को सबसे सरल और प्रभावी प्रोबायोटिक ड्रिंक माना जाता है। इसमें मौजूद लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया पाचन को सुधारने में मदद करते हैं। भोजन के बाद छाछ पीने से पेट हल्का रहता है और एसिडिटी की समस्या कम हो सकती है।

2. दही ड्रिंक (Yogurt Smoothie)

दही से बने स्मूदी या लस्सी में प्रोबायोटिक्स की अच्छी मात्रा होती है। यह आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है और खराब बैक्टीरिया के संतुलन को नियंत्रित करता है। इसमें फल मिलाकर इसका पोषण और बढ़ाया जा सकता है।

3. केफिर (Kefir Drink)

केफिर एक फर्मेंटेड मिल्क ड्रिंक है, जिसमें कई तरह के लाभकारी बैक्टीरिया पाए जाते हैं। इसे गट माइक्रोबायोम के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। यह पाचन सुधारने के साथ-साथ शरीर की इम्यूनिटी को भी सपोर्ट करता है।

4. कोम्बुचा (Kombucha)

कोम्बुचा एक फर्मेंटेड टी ड्रिंक है, जो आजकल काफी लोकप्रिय हो रही है। इसमें प्रोबायोटिक्स और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो आंतों की सफाई और डिटॉक्स में मदद करते हैं। यह पेट फूलने और कब्ज जैसी समस्याओं में भी राहत दे सकता है।

5. नारियल पानी प्रोबायोटिक मिक्स

नारियल पानी में अगर हल्का फर्मेंटेड प्रोबायोटिक मिक्स मिलाया जाए तो यह एक हेल्दी फंक्शनल ड्रिंक बन सकता है। यह शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ-साथ आंतों में अच्छे बैक्टीरिया के संतुलन को भी सपोर्ट करता है।

कैसे काम करते हैं ये ड्रिंक्स?

विशेषज्ञों के अनुसार, ये फंक्शनल ड्रिंक्स शरीर में प्रोबायोटिक्स पहुंचाते हैं, जो आंतों में मौजूद माइक्रोबायोम को संतुलित करने में मदद करते हैं। जब गुड बैक्टीरिया बढ़ते हैं, तो पाचन तंत्र बेहतर काम करता है, पोषक तत्वों का अवशोषण बढ़ता है और सूजन (inflammation) कम हो सकती है।

हालांकि डायटीशियन यह भी सलाह देते हैं कि इन ड्रिंक्स का सेवन संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए और किसी भी गंभीर बीमारी की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

निष्कर्ष

गट हेल्थ आज के समय में संपूर्ण स्वास्थ्य का आधार बन चुकी है। ऐसे में फंक्शनल ड्रिंक्स को डेली डाइट में शामिल करना एक आसान और प्राकृतिक तरीका हो सकता है, जिससे आंतों में गुड बैक्टीरिया बढ़ते हैं और शरीर अंदर से मजबूत बनता है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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