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May 18, 2024 10:21 pm

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डीसीपी शुक्ला : “कहां-कहां मिलीं नोटों की गड्डियां” बक्सों में, पलंग के नीचे…..

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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 9 मई की रात उस वक्त सनसनी फैल गई, जब पुलिस को एक घर से नोटों की गड्डियां मिलीं. पुलिस ने इस घर पर दबिश देकर ये गड्डियां जब्त कर ली हैं. उसने इसकी सूचना इनकम टैक्स को भी दे दी है. पुलिस का कहना है कि अभी मामले की जांच चल रही है. आचार संहिता के चलते इस मामले में हर पहलू को देखा जाएगा. ये कैश कितना है, यहां क्यों रखा गया, ये कैश आया कहां से, कहां इस्तेमाल होना था, इन सबकी जांच की जाएगी.
डीसीपी प्रियंका शुक्ला ने बताया कि किसी शख्स ने थाना अशोका गार्डन को सूचना दी कि एक व्यक्ति के घर में जरूरत से ज्यादा कैश रखा है. ये सूचना मिलते ही थाने की पुलिस एक्टिव हो गई. पुलिस संबंधित व्यक्ति के घर पहुंच गई. यह घर पंत नगर में रहने वाले कैलाश खत्री का है. पुलिस ने इस घर को घेर लिया.

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शुक्ला ने बताया कि पुलिस ने जब यहां तलाशी ली तो इस घर में 5-10-20 रुपये के पुराने फटे नोटों के साथ-साथ नए नोटों की कई गड्डियां मिली हैं. पूछताछ में खत्री ने बताया कि वे साल 2006 से मनी एक्सचेंज का काम कर रहे हैं. इसमें ये नए नोट लेते हैं और अपना कमीशन काटकर दूसरों को नए नोट देते हैं. खत्री के पास इस काम का या इतना कैश रखने की अनुमति का कोई दस्तावेज नहीं मिला है.
हम नोटों की गड्डियों की काउंटिंग कर रहे हैं. इतनी बड़ी मात्रा में कैश मिलने की सूचना इनकम टैक्स को भी दे दी गई है. पूछताछ में खत्री ने बताया है कि वह तीन साल पहले तक पंजाब नेशनल बैंक में कैश देता था. लेकिन, जब से पंजाब नेशनल बैंक ने इनसे कैश लेना बंद कर दिया है तो ये रुपये आगरा और मुंबई को सप्लाइ कर रहे हैं.
डीसीपी शुक्ला ने बताया कि खत्री के इस इस बयान की जांच की जा रही है कि ये रुपये ये कहां भेजते थे. चूंकि, प्रदेश में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगी हुई है, इसलिए इस मामले की गहराई से जांच की जाएगी. कैलाश खत्री के पास पुराने नोट कहां से आते थे, इस सवाल पर डीएसपी ने कहा कि शहर के बाजारों में इनके कई लोग एक्टिव थे.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि वे दुकानों ने इस तरह के नोटों का कलेक्शन करके इन्हें देते थे. उसके बाद ये लोग उनका कमीशन काटकर उन्हें नए नोट देते थे. ये रकम कितनी होगी, इस सवाल पर डीसीपी प्रियंका शुक्ला ने कहा कि अभी ये कहना मुश्किल है. करेंसी काफी छोटी है. इसलिए उनकी गणना के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा.
Geeta varyani
Author: Geeta varyani

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