नासिक (महाराष्ट्र): नासिक स्थित TCS यूनिट से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न और कार्यस्थल पर दबाव के मामले में अब जांच और तेज हो गई है। इस पूरे विवाद में HR एग्जीक्यूटिव निदा खान का नाम सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस और आंतरिक जांच एजेंसियां अब उनकी भूमिका की गहन जांच कर रही हैं।
जानकारी के अनुसार, यह मामला केवल एक शिकायत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई कर्मचारियों द्वारा अलग-अलग समय पर लगाए गए आरोप शामिल हैं। FIR में यह भी दावा किया गया है कि कार्यस्थल पर लंबे समय से अनुचित माहौल और शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही की बात सामने आई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि कई बार औपचारिक और लिखित शिकायत देने के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं की गई, जिससे कर्मचारियों में असुरक्षा और असंतोष का माहौल बना रहा। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन शिकायतों को किस स्तर पर और क्यों नजरअंदाज किया गया।
इस मामले में HR एग्जीक्यूटिव निदा खान की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या उन्होंने POSH (Prevention of Sexual Harassment) नियमों के तहत सही तरीके से कार्रवाई की थी या नहीं।
इसके अलावा, पुलिस डिजिटल सबूत, ईमेल रिकॉर्ड और कर्मचारियों के बयान जुटा रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ व्यक्तिगत आरोपों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सिस्टम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
कंपनी स्तर पर भी इस पूरे मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है। प्रबंधन का कहना है कि वे कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी।
फिलहाल, यह मामला नासिक ही नहीं बल्कि कॉरपोरेट जगत में भी चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि यह कार्यस्थल सुरक्षा और शिकायत निवारण प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच जारी है और आने वाले दिनों में और तथ्य सामने आने की संभावना है।







