शेयर बाजार में आगामी आईपीओ को लेकर निवेशकों के बीच उत्साह बढ़ता दिखाई दे रहा है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार छोटे और मिडकैप सेगमेंट की कंपनियों के आईपीओ में इस बार बेहतर सब्सक्रिप्शन देखने को मिल सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि हाल के दिनों में बाजार में स्थिरता और कुछ कंपनियों के मजबूत प्रदर्शन के चलते निवेशकों का भरोसा फिर से बढ़ा है। इसी वजह से रिटेल और संस्थागत दोनों तरह के निवेशक नए पब्लिक इश्यू में सक्रिय भागीदारी कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे और मिडकैप कंपनियों के आईपीओ आमतौर पर ग्रोथ पोटेंशियल के कारण आकर्षण का केंद्र रहते हैं। हालांकि, इनमें जोखिम भी अधिक होता है, इसलिए निवेश से पहले कंपनी के फंडामेंटल्स, बिजनेस मॉडल और फाइनेंशियल स्थिति की गहराई से जांच करना जरूरी है।
बाजार से जुड़े जानकारों का यह भी कहना है कि अगर मौजूदा ट्रेंड जारी रहा तो कई आईपीओ अपने इश्यू साइज से अधिक सब्सक्रिप्शन हासिल कर सकते हैं। इससे कंपनियों को मजबूत फंडिंग मिलेगी और वे अपने विस्तार की योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा सकेंगी।
कुल मिलाकर, आने वाले आईपीओ सत्र में छोटे और मिडकैप सेगमेंट एक बार फिर निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं, लेकिन विशेषज्ञ सावधानी के साथ निवेश की सलाह दे रहे हैं।







