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November 4, 2026 8:53 pm

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दीपावली से पहले जयपुर रेलवे स्टेशन पर बदली व्यवस्था, 17 दिन प्लेटफॉर्म टिकट पर रोक; हसनपुरा गेट से होगी यात्रियों की निकासी

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जयपुर, 4 नवंबर 2026। दीपावली और छठ पूजा के चलते इस बार जयपुर के रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित करना रेलवे प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने घरों के लिए रवाना होते हैं। वहीं यात्रियों को ट्रेन तक पहुंचाने और उनके लौटने पर लेने आने वाले परिजनों की वजह से भी स्टेशनों पर अतिरिक्त भीड़ जमा हो जाती है। इसी स्थिति से निपटने के लिए उत्तर-पश्चिम रेलवे ने जयपुर जंक्शन और गांधीनगर रेलवे स्टेशन पर कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। दोनों स्टेशनों पर 4 नवंबर से 20 नवंबर तक प्लेटफॉर्म टिकट जारी नहीं किए जाएंगे। इस तरह लगातार 17 दिनों तक गैर-यात्रियों के प्लेटफॉर्म पर पहुंचने पर रोक रहेगी। रेलवे का मानना है कि इस फैसले से अनावश्यक भीड़ कम होगी और वास्तविक यात्रियों को स्टेशन परिसर में आने-जाने के लिए अधिक जगह मिल सकेगी।

रेलवे प्रशासन ने आमजन से आग्रह किया है कि वे अपने रिश्तेदारों और परिचितों को ट्रेन में बैठाने या उनके आगमन पर लेने के लिए प्लेटफॉर्म तक जाने से बचें। केवल यात्रा करने वाले यात्री ही स्टेशन के भीतर निर्धारित व्यवस्था के अनुसार आगे बढ़ें। त्योहारों में ट्रेनों के आने-जाने के समय स्टेशन पर एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने की आशंका रहती है। ऐसे में भीड़ को अलग-अलग चरणों में नियंत्रित करने और यात्रियों को सुरक्षित तरीके से प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने की तैयारी की गई है।

जयपुर जंक्शन पर इस बार भीड़ को संभालने के लिए केवल सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाने तक इंतजाम सीमित नहीं रखे गए हैं, बल्कि यात्रियों की आवाजाही के पूरे तरीके में बदलाव किया जा रहा है। स्टेशन पर रोलिंग क्राउड मैनेजमेंट व्यवस्था लागू की गई है। इसके अंतर्गत यात्रियों को एक साथ प्लेटफॉर्म की ओर जाने देने के बजाय उनकी संख्या और स्थिति के अनुसार नियंत्रित तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। इसके लिए स्टेशन परिसर में होल्डिंग एरिया तैयार किया जा रहा है। यहां यात्रियों को कुछ समय के लिए व्यवस्थित रखा जाएगा और आवश्यकता के अनुसार समूहों में प्लेटफॉर्म पर भेजा जाएगा। इससे प्लेटफॉर्म पर अचानक भीड़ जमा होने की स्थिति से बचने में मदद मिलेगी।

जयपुर जंक्शन पर यात्रियों की निकासी को लेकर भी इस बार एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। हसनपुरा की तरफ तैयार किए गए नए द्वितीय द्वार को अस्थायी रूप से यात्रियों के बाहर निकलने के लिए शुरू किया जा रहा है। यह व्यवस्था 4 नवंबर से 16 नवंबर तक लागू रहेगी। हालांकि, द्वितीय द्वार के भवन से जुड़े कुछ काम अभी बाकी हैं, इसलिए इसे फिलहाल प्रवेश मार्ग के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। रेलवे ने यात्रियों के लिए स्पष्ट किया है कि स्टेशन में आने के लिए भगवान परशुराम सर्किल की तरफ बने मुख्य द्वार का ही उपयोग करना होगा। ट्रेन से उतरने के बाद यात्री हसनपुरा की दिशा में बने नए गेट से बाहर जा सकेंगे। इस व्यवस्था के पीछे मुख्य उद्देश्य स्टेशन के मुख्य द्वार पर यात्रियों के प्रवेश और निकास के कारण बनने वाले दबाव को कम करना है। प्रवेश और निकासी के रास्ते अलग होने से भीड़ को संभालना आसान होगा।

स्टेशन परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को भी पहले से अधिक मजबूत बनाया गया है। जयपुर जंक्शन पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं, जबकि सीसीटीवी कैमरों के जरिए यात्रियों की गतिविधियों और भीड़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी। आरपीएफ कंट्रोल रूम को भी निगरानी व्यवस्था से जोड़ा गया है, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था या संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तत्काल कदम उठाए जा सकें। रेलवे मुख्यालय और मंडल स्तर पर चौबीसों घंटे काम करने वाले नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किए गए हैं। इनका उद्देश्य त्योहारों के दौरान किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में संबंधित अधिकारियों के बीच तत्काल समन्वय स्थापित करना है।

उत्तर-पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक पंकज शर्मा ने बुधवार को जयपुर रेलवे स्टेशन पहुंचकर इन तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही, भीड़ को नियंत्रित करने की योजना और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि त्योहारों के दौरान स्टेशन आने वाले लोगों को रास्तों, टिकट व्यवस्था और पार्किंग को लेकर परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने उपलब्ध स्थान का बेहतर इस्तेमाल करने, प्रवेश और निकास मार्गों को व्यवस्थित रखने तथा सीसीटीवी निगरानी को प्रभावी बनाए रखने पर जोर दिया। स्टेशन परिसर में लगाए गए दिशा-सूचक संकेतों की उपयोगिता की भी समीक्षा की गई, ताकि यात्रियों को सही रास्ते की जानकारी आसानी से मिल सके।

निरीक्षण के दौरान होल्डिंग एरिया की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। रेलवे अधिकारियों को कहा गया कि यात्रियों को प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने की प्रक्रिया इस तरह संचालित हो कि किसी एक स्थान पर अनावश्यक दबाव न बने। पार्किंग और स्टेशन के भीतर आने-जाने वाले रास्तों का इस्तेमाल भी योजनाबद्ध तरीके से किया जाए। निरीक्षण के समय जयपुर मंडल रेल प्रबंधक रवि जैन, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) विवेक सक्सेना, प्रमुख मुख्य इंजीनियर जे.एस. लाकरा सहित मुख्यालय और मंडल के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

त्योहारों के मद्देनजर रेलवे ने आरक्षण सेवाओं के समय में भी एक दिन के लिए बदलाव किया है। दीपावली के अवसर पर 8 नवंबर को जयपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले सभी यात्री आरक्षण प्रणाली यानी पीआरएस काउंटर सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक ही अग्रिम आरक्षण का काम करेंगे। इस दिन आरक्षण संबंधी सेवाएं एक ही पारी में संचालित होंगी। हालांकि, ऐसे काउंटर जहां अनारक्षित और आरक्षित दोनों तरह के टिकट मिलते हैं, उनकी व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी। यूटीएस-कम-पीआरएस काउंटरों पर अनारक्षित टिकटों के साथ आरक्षित टिकटों की बिक्री भी सामान्य रूप से होगी। इन काउंटरों पर करेंट बुकिंग की सुविधा में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है।

स्टेशन पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए माल और पार्सल से जुड़ी गतिविधियों पर भी अस्थायी नियंत्रण लगाया गया है। जयपुर रेलवे स्टेशन से 5 और 6 नवंबर को बाहर भेजे जाने वाले सामान्य पार्सल और लीज पार्सल की बुकिंग नहीं की जाएगी। इस फैसले का उद्देश्य त्योहारों के दौरान स्टेशन परिसर में सामान की आवाजाही से पैदा होने वाली अतिरिक्त भीड़ को कम करना है। रेलवे ने यात्रियों से कहा है कि वे अपनी यात्रा की तैयारी करते समय सामान की मात्रा का विशेष ध्यान रखें और अनावश्यक रूप से ज्यादा सामान लेकर ट्रेन में न पहुंचें।

रेलवे के निर्धारित नियमों के अनुसार एक यात्री 40 किलोग्राम तक सामान बिना अतिरिक्त बुकिंग के अपने साथ ले जा सकता है। यदि किसी यात्री के पास इससे अधिक सामान है तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत रेलवे के पार्सल या लगेज कार्यालय में अतिरिक्त सामान की बुकिंग करानी होगी। उचित तरीके से लगेज के रूप में बुक कराए गए अनुमत वजन के सामान को यात्री अपने साथ यात्री कोच में ले जा सकते हैं। वहीं, तय सीमा से अधिक सामान बिना बुकिंग के ट्रेन में ले जाने पर रेलवे अतिरिक्त शुल्क के अलावा नियमानुसार जुर्माना भी लगा सकता है।

रेलवे ने यात्रियों को सामान की सुरक्षा और सहयात्रियों की सुविधा का ध्यान रखने की भी हिदायत दी है। यात्रा के दौरान प्रतिबंधित या आपत्तिजनक वस्तुएं साथ नहीं रखने और सामान को इस तरह रखने की सलाह दी गई है कि कोच में दूसरे यात्रियों के आवागमन का रास्ता बाधित न हो। रेलवे प्रशासन का कहना है कि दीपावली और छठ पूजा के दौरान जयपुर जंक्शन तथा गांधीनगर स्टेशन पर यात्रियों की संख्या में होने वाली बढ़ोतरी को देखते हुए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। इन व्यवस्थाओं को सफल बनाने के लिए यात्रियों से भी सहयोग की अपेक्षा की गई है।

इस बार जयपुर जंक्शन आने वाले यात्रियों को स्टेशन पहुंचने से पहले प्रवेश और निकास के नए नियमों की जानकारी रखना जरूरी होगा। खासतौर पर हसनपुरा गेट को लेकर किसी तरह का भ्रम न रहे, क्योंकि निर्धारित अवधि में यह केवल बाहर निकलने के लिए इस्तेमाल होगा। वहीं, प्लेटफॉर्म टिकट पर लगी रोक के कारण यात्रियों को छोड़ने या लेने आने वाले परिजन स्टेशन के प्लेटफॉर्म तक नहीं जा सकेंगे। रेलवे की कोशिश है कि अलग-अलग रास्तों, नियंत्रित प्रवेश, निगरानी और सुरक्षा इंतजामों के सहारे त्योहारों की भीड़ को व्यवस्थित रखा जाए, ताकि यात्रियों की रेल यात्रा सुरक्षित और सुविधाजनक बनी रहे।

Rajesh Bhagtani
Author: Rajesh Bhagtani

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