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November 7, 2026 1:08 pm

ग्लोबल बाजारों में हाहाकार के बीच भारतीय शेयर बाजार में तेजी, निवेशकों की संपत्ति ₹1 लाख करोड़ बढ़ी

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दुनियाभर के शेयर बाजारों में AI शेयरों की बिकवाली और गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की जोरदार खरीदारी से सेंसेक्स और निफ्टी में उछाल आया। हालांकि, बाजार के उपलब्ध आंकड़े निवेशकों की संपत्ति में ₹1 लाख करोड़ नहीं, बल्कि इससे कहीं अधिक बढ़ोतरी दर्शाते हैं।

भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी

वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने नवंबर के पहले सप्ताह में शानदार प्रदर्शन किया। 5 नवंबर को सेंसेक्स 2,008.61 अंक यानी 2.60% की तेजी के साथ 79,310.01 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 576 अंक यानी 2.40% उछलकर 24,536.60 पर पहुंच गया।

इस तेजी के साथ निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹8.20 लाख करोड़ का इजाफा हुआ।

FII की खरीदारी से बाजार को मिला बड़ा सहारा

भारतीय शेयर बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की वापसी रही। 5 नवंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय शेयरों में करीब ₹14,975 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की।

यह सितंबर 2024 के बाद विदेशी निवेशकों की सबसे बड़ी एकदिवसीय खरीदारी बताई गई। इससे बाजार में निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और शेयरों में खरीदारी बढ़ी।

ग्लोबल बाजारों में गिरावट के बीच भारत क्यों चमका?

दुनियाभर के बाजारों में AI और टेक्नोलॉजी शेयरों को लेकर चिंता बढ़ी। अमेरिकी बाजारों में बिकवाली का असर एशियाई बाजारों पर भी देखने को मिला। इसके बावजूद भारतीय बाजारों में तेजी जारी रही।

इसके पीछे कई अहम वजहें मानी जा रही हैं:

  • FII की खरीदारी: विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में बड़े पैमाने पर पैसा लगाया।
  • कच्चे तेल की कीमतों में नरमी: तेल की कीमतों में गिरावट से भारत की अर्थव्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी।
  • कॉर्पोरेट नतीजे: कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों ने बाजार को समर्थन दिया।
  • AI शेयरों से दूरी: वैश्विक निवेशकों के AI-केंद्रित शेयरों से पैसा निकालने के बीच भारतीय बाजार आकर्षक विकल्प के तौर पर उभरा।
  • निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

विदेशी निवेशकों की खरीदारी और बाजार में तेजी से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। हालांकि, वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेश के रुख पर आगे भी नजर रखना जरूरी होगा।

शेयर बाजार में तेजी के बावजूद निवेशकों को जल्दबाजी में फैसला लेने से बचना चाहिए। निवेश से पहले अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखना जरूरी है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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