Narak Chaturdashi 2026: आज 7 नवंबर 2026 को नरक चतुर्दशी यानी छोटी दिवाली मनाई जा रही है. हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. इसे रूप चौदस और काली चौदस के नाम से भी जाना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नरक चतुर्दशी के दिन भगवान श्रीकृष्ण और यमराज की पूजा का विशेष महत्व है. इस दिन कुछ ऐसे काम बताए गए हैं, जिन्हें करने से बचने की सलाह दी जाती है. आइए जानते हैं नरक चतुर्दशी पर किन 5 कामों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए.
नरक चतुर्दशी का धार्मिक महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर नामक राक्षस का वध करके हजारों लोगों को उसके अत्याचारों से मुक्त कराया था. इसी विजय की खुशी में नरक चतुर्दशी मनाई जाती है.
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने, दीपदान करने और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने की परंपरा है. मान्यता है कि इससे जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता आती है.
नरक चतुर्दशी पर भूलकर भी न करें ये 5 काम
1. देर तक सोने से बचें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नरक चतुर्दशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना शुभ माना जाता है. इसलिए इस दिन देर तक सोने से बचने की सलाह दी जाती है. सूर्योदय से पहले स्नान करने की परंपरा को विशेष महत्व दिया गया है.
2. घर में गंदगी न रखें
छोटी दिवाली के दिन घर की साफ-सफाई का विशेष महत्व माना जाता है. मान्यता है कि साफ-सुथरे घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है. इसलिए घर के कोनों और पूजा स्थल की सफाई जरूर करें.
3. किसी का अपमान या विवाद न करें
नरक चतुर्दशी के दिन किसी से झगड़ा करने, अपशब्द बोलने या दूसरों का अपमान करने से बचना चाहिए. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, त्योहार के दिन प्रेम, शांति और सद्भाव बनाए रखना शुभ माना जाता है.
4. जरूरतमंदों को खाली हाथ न लौटाएं
इस दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है. अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों की मदद करना और भोजन या वस्त्र दान करना शुभ माना जाता है. किसी जरूरतमंद का अपमान करने से बचें.
5. पूजा और दीपदान की परंपरा को न भूलें
नरक चतुर्दशी पर दीपदान करने की परंपरा है. मान्यता के अनुसार, इस दिन यमराज के निमित्त दीप जलाने से अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति की कामना की जाती है. घर के बाहर दीप जलाने की परंपरा भी निभाई जाती है.
नरक चतुर्दशी पर क्या करना माना जाता है शुभ?
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें.
- भगवान श्रीकृष्ण और यमराज की पूजा करें.
- घर की साफ-सफाई रखें.
- शाम को दीपदान करें.
- जरूरतमंदों की मदद करें.
- परिवार के सदस्यों के साथ प्रेम और सद्भाव बनाए रखें.
धार्मिक मान्यता: नरक चतुर्दशी पर बताए गए नियम और परंपराएं अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्न हो सकती हैं. परिवार पर संकट आने जैसी बातें धार्मिक मान्यताओं का हिस्सा हैं, इन्हें निश्चित भविष्यवाणी नहीं समझना चाहिए.








