जयपुर। राजधानी जयपुर में ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें शातिर बदमाशों ने बेहद सुनियोजित तरीके से आभूषण कारोबारी को करीब 10 लाख रुपए का चूना लगा दिया। वारदात को अंजाम देने के लिए दोनों आरोपी खुद को पिता-पुत्र बताकर शहर के एक लग्जरी होटल में ठहरे थे। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए अपनी पसंद के आभूषण चुने और कारोबारी के कर्मचारी को होटल में बुला लिया। बदमाशों ने भुगतान के लिए पांच लाख रुपए नकद और पांच लाख रुपए ऑनलाइन देने की बात कही थी। हालांकि, कर्मचारी को भरोसे में लेकर दोनों ने ऐसी चाल चली कि महज चार मिनट के भीतर एक आरोपी आभूषण लेकर होटल से निकल गया, जबकि दूसरा कुछ देर तक कर्मचारी के सामने ही बैठा रहा। बाद में वह भी चाय पीने का बहाना बनाकर गायब हो गया। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित पक्ष ने सोडाला थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस अब होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की पहचान और तलाश में जुटी है।
पुलिस के मुताबिक, आभूषण ठगी की यह वारदात एमआई रोड स्थित विनायक ज्वेलर्स से जुड़ी है। आरोपियों ने पहले ज्वेलरी शोरूम के इंस्टाग्राम पेज पर उपलब्ध आभूषणों को देखा और अपनी पसंद के गहने तय किए। इसके बाद दुकान की ओर से कर्मचारी महेश शर्मा को चुने गए आभूषण लेकर होटल भेजा गया। आरोपियों ने कर्मचारी को बताया था कि वे गहनों की कुल कीमत में से पांच लाख रुपए नकद देंगे, जबकि शेष पांच लाख रुपए का भुगतान ऑनलाइन कर दिया जाएगा। इसी भरोसे में कर्मचारी करीब 10 लाख रुपए के आभूषण लेकर होटल पहुंच गया।
होटल में पहुंचने के बाद आरोपियों ने भुगतान करने से पहले एक और व्यक्ति को गहने दिखाने की बात कही। उन्होंने कर्मचारी महेश शर्मा से कहा कि उनके पिता दूसरे कमरे में मौजूद हैं और खरीदारी को अंतिम रूप देने से पहले उन्हें भी आभूषण दिखाने होंगे। इसी बहाने एक आरोपी अतुल वर्मा गहने लेकर दूसरे कमरे की ओर चला गया। कर्मचारी को अंदाजा भी नहीं था कि उसके साथ धोखाधड़ी की योजना बनाई जा चुकी है। अतुल वर्मा आभूषण लेकर वहां से निकला और महज चार मिनट के भीतर होटल से फरार हो गया। इस दौरान उसका दूसरा साथी कर्मचारी के पास ही मौजूद रहा, ताकि तत्काल किसी तरह का शक पैदा न हो।
आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए अपने साथी की शारीरिक स्थिति का भी इस्तेमाल किया। कर्मचारी के पास बैठा दूसरा व्यक्ति दिव्यांग था और उसका एक पैर नहीं था। वह बैसाखी के सहारे चलता था। उसकी मौजूदगी से कर्मचारी को किसी तरह की आशंका नहीं हुई। जब पहला आरोपी आभूषण लेकर जा चुका था तो कुछ समय बाद दूसरा व्यक्ति भी चाय पीने की बात कहकर वहां से निकल गया। इस तरह दोनों आरोपी अलग-अलग समय पर होटल से बाहर हो गए और कारोबारी का कर्मचारी गहनों के भुगतान का इंतजार करता रह गया। बाद में जब काफी देर तक दोनों वापस नहीं लौटे और भुगतान भी नहीं हुआ तो पूरे मामले का खुलासा हुआ।
जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपी जैकब रोड स्थित हरि महल पैलेस होटल में ठहरे हुए थे। होटल के स्वागत कक्ष पर तैनात कर्मचारी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 11 बजे आरोपियों ने आभूषण कारोबारी के कर्मचारियों को होटल के पिछले गेट से अंदर बुलवाया था। जब प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षा गार्ड ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो दोनों आरोपी स्वयं वहां पहुंचे। उन्होंने होटल में ठहरे मेहमान होने की बात कहकर कर्मचारियों को अपने कमरे तक पहुंचाने के लिए कहा। इसके बाद ज्वेलरी कारोबारी का कर्मचारी उनके बताए कमरे तक पहुंच गया। वारदात पूरी होने के बाद दोनों आरोपी होटल के पिछले गेट से ही बाहर निकले और अलग-अलग रास्तों पर चले गए। इससे उनके एक साथ पकड़े जाने की आशंका भी कम हो गई।
पुलिस को होटल में आरोपियों की पहचान से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सुराग भी मिले हैं। बताया जा रहा है कि होटल में ठहरने के दौरान एक आरोपी ने प्रदीप वर्मा के नाम से आधार कार्ड जमा कराया था। हालांकि, इस दस्तावेज के वास्तविक होने को लेकर संदेह जताया जा रहा है। दोनों ने होटल में अपना संबंध उत्तर प्रदेश से बताया था। वारदात के बाद पुलिस को होटल से आरोपियों के कपड़े और उनके द्वारा जमा कराया गया आधार कार्ड भी मिला है। इन दस्तावेजों की जांच की जा रही है, ताकि आरोपियों के वास्तविक नाम और पते का पता लगाया जा सके।
घटना की सूचना मिलने के बाद सोडाला थाना पुलिस सक्रिय हुई और थाना प्रभारी मनोज मौके पर पहुंचे। पुलिस ने होटल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग अपने कब्जे में लेकर आरोपियों की गतिविधियों की जांच शुरू कर दी है। फुटेज में दोनों संदिग्धों के होटल में आने-जाने और वारदात के बाद बाहर निकलने से जुड़ी गतिविधियां सामने आई हैं। पुलिस अलग-अलग रास्तों से फरार हुए दोनों आरोपियों की पहचान करने के साथ उनकी तलाश में जुटी है। फिलहाल मामले में होटल के दस्तावेजों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।








