कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के भीतर आपसी विवाद और मारपीट का मामला सामने आया है। पश्चिम मेदिनीपुर जिले के डेबरा से भाजपा विधायक सुभाषिस ओम पर कथित तौर पर पार्टी कार्यकर्ताओं के एक समूह ने हमला कर दिया। इस घटना में विधायक को सिर और हाथों सहित शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई हैं। उन्हें पहले डेबरा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए मेदिनीपुर जिला अस्पताल स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, यह घटना सोमवार शाम की है। विधायक ने इस हमले के संबंध में डेबरा पुलिस थाने में हाथ से लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें छह लोगों के नाम शामिल किए गए हैं।
पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच विवाद सुलझाने की कोशिश के दौरान हमला
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, विधायक सुभाषिस ओम ने अपनी शिकायत में छह लोगों को हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया है। घटना के बाद अस्पताल में उपचार करा रहे विधायक ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि वह पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं को एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से रोकने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान उन पर हमला कर दिया गया।
विधायक ने कहा कि उनका उद्देश्य क्षेत्र में रंगदारी और जबरन वसूली की गतिविधियों को समाप्त करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी का मिशन रंगदारी की व्यवस्था को खत्म करना है और वह इसी दिशा में काम कर रहे थे। इसी दौरान पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं के साथ विवाद हुआ और कथित तौर पर उन पर हमला कर दिया गया।
सरकारी कार्यालय में मिली थी कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत
डेबरा के भाजपा कार्यकर्ताओं के अनुसार, सोमवार दोपहर विधायक एक सरकारी कार्यालय में चल रहे कार्यों की निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायतें मिली थीं। बताया जा रहा है कि शिकायत मिलने के बाद विधायक मामले को सुलझाने और संबंधित लोगों के बीच विवाद खत्म कराने के उद्देश्य से पुलिस थाने की ओर रवाना हुए थे।
हालांकि, रास्ते में ही कथित तौर पर कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया और उनके साथ मारपीट की। हमले में घायल होने के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। शुरुआत में डेबरा अस्पताल में उनका इलाज किया गया, लेकिन चोटों की गंभीरता को देखते हुए बाद में उन्हें मेदिनीपुर जिला अस्पताल भेज दिया गया।
पार्टी नेतृत्व ने कहा- आपसी विवाद की जांच करेगी भाजपा
इस घटना को लेकर भाजपा के भीतर भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री तथा जिले से विधायक दिलीप घोष ने कहा कि पार्टी इस मामले को देखेगी। उन्होंने कहा कि यदि दो गुटों के बीच किसी तरह का विवाद हुआ है, तो संगठन इस पूरे मामले की जांच करेगा और आवश्यक कदम उठाएगा।
दिलीप घोष के बयान से संकेत मिलता है कि पार्टी नेतृत्व इस घटना को आंतरिक विवाद के रूप में भी देख रहा है। हालांकि, विधायक की शिकायत में नामजद किए गए छह लोगों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होगी, इस बारे में फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
भाजपा अध्यक्ष की मौजूदगी के दिन ही हुई घटना
इस पूरे घटनाक्रम का राजनीतिक महत्व इसलिए भी बढ़ गया है, क्योंकि जिस दिन विधायक पर हमला हुआ, उसी दिन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पश्चिम बंगाल के दौरे पर थे। उन्होंने कोलकाता में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की सरकार की तारीफ की थी।
रैली के दौरान उन्होंने दावा किया था कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में रंगदारी और जबरन वसूली की समस्या को समाप्त कर दिया है। वहीं, दूसरी ओर उसी दिन भाजपा के एक विधायक पर कथित तौर पर पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा हमला किए जाने की घटना सामने आ गई।
इस घटनाक्रम ने राज्य में भाजपा के अंदरूनी संगठनात्मक हालात और रंगदारी के मुद्दे को लेकर नई राजनीतिक चर्चा शुरू कर दी है। एक तरफ पार्टी नेतृत्व राज्य में जबरन वसूली समाप्त करने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ उसी मुद्दे का विरोध करने वाले पार्टी विधायक पर हमले की घटना सामने आई है।
फिलहाल पुलिस मामले की शिकायत और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। विधायक द्वारा नामजद किए गए छह लोगों की भूमिका को लेकर आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। इस घटना ने पश्चिम बंगाल भाजपा के भीतर गुटबाजी और कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ते टकराव को भी सार्वजनिक कर दिया है।








