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November 2, 2026 12:47 pm

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मुकेश अंबानी के रिलायंस शेयर में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 1000 अंक उछला; शेयर बाजार में लौटी रौनक

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भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 2 नवंबर को जोरदार तेजी देखने को मिली। कारोबारी सप्ताह की शुरुआत निवेशकों के लिए शानदार रही। मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में आई जबरदस्त खरीदारी ने बाजार को नई मजबूती दी। सेंसेक्स में 1000 अंकों से ज्यादा का उछाल दर्ज किया गया, जबकि निफ्टी भी 23,300 के स्तर के पार पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों की संपत्ति में भी बड़ा इजाफा हुआ।

इस तेजी में सबसे ज्यादा चर्चा रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों की रही। कंपनी के सितंबर तिमाही के शानदार नतीजों के बाद निवेशकों ने शेयरों में जमकर खरीदारी की। रिलायंस के शेयर में करीब 6 फीसदी की तेजी देखने को मिली। इसके साथ ही कंपनी बाजार के प्रमुख सूचकांकों में सबसे ज्यादा योगदान देने वाले शेयरों में शामिल हो गई।

रिलायंस के शेयरों में क्यों आई तूफानी तेजी?

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में तेजी की सबसे बड़ी वजह कंपनी के सितंबर तिमाही के मजबूत वित्तीय नतीजे रहे। कंपनी ने जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है। रिलायंस का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 34 फीसदी बढ़कर 29,550 करोड़ रुपये पहुंच गया।

वहीं, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 28 फीसदी बढ़कर 3.62 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इसके अलावा EBITDA में भी करीब 24 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 62,409 करोड़ रुपये रहा।

कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) कारोबार में शानदार प्रदर्शन और डिजिटल सेवाओं में लगातार हो रही वृद्धि ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। खास तौर पर रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल कारोबार में बेहतर मार्जिन का कंपनी की कमाई पर सकारात्मक असर पड़ा।

सेंसेक्स 1000 अंक चढ़ा, निफ्टी में भी उछाल

रिलायंस के शेयरों में तेजी का असर पूरे बाजार पर दिखाई दिया। सोमवार सुबह कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1000 अंकों से ज्यादा चढ़कर 75,400 के स्तर के आसपास पहुंच गया। वहीं निफ्टी 50 भी 23,300 के पार कारोबार करता नजर आया।

बाजार में सिर्फ रिलायंस ही नहीं, बल्कि कई अन्य बड़े शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। बैंकिंग, ऊर्जा और अन्य प्रमुख सेक्टर के शेयरों में तेजी ने बाजार को सहारा दिया। हालांकि, कुछ कंपनियों के शेयरों में गिरावट भी दर्ज की गई।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भी मिली राहत

शेयर बाजार में तेजी की एक और बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट रही। ब्रेंट क्रूड की कीमत 118 डॉलर प्रति बैरल के छह महीने के उच्च स्तर से गिरकर करीब 110 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई।

ईरान और कतर के अधिकारियों के बीच बातचीत से क्षेत्रीय तनाव कम होने और तेल आपूर्ति को लेकर चिंताओं में राहत की उम्मीद बनी। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था और उन कंपनियों के लिए सकारात्मक मानी जाती है, जिनकी लागत पर तेल की कीमतों का सीधा असर पड़ता है।

इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी ने भी बाजार की तेजी को समर्थन दिया। शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में करीब 3,598 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी।

रिलायंस के कारोबार में इन क्षेत्रों का रहा योगदान

रिलायंस इंडस्ट्रीज का कारोबार केवल तेल और गैस तक सीमित नहीं है। कंपनी के रिटेल, टेलीकॉम और डिजिटल कारोबार का भी उसके वित्तीय प्रदर्शन में महत्वपूर्ण योगदान है।

कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल्स कारोबार ने सितंबर तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया। वहीं जियो प्लेटफॉर्म्स की आय में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। जियो के डिजिटल कारोबार में ग्राहकों की संख्या, प्रति ग्राहक औसत आय और डिजिटल सेवाओं के विस्तार ने कंपनी की कमाई को मजबूती दी।

हालांकि, रिलायंस रिटेल के कारोबार पर लागत और क्विक कॉमर्स में निवेश का दबाव देखने को मिला। इसके बावजूद ऊर्जा और टेलीकॉम कारोबार के बेहतर प्रदर्शन ने कंपनी के कुल नतीजों को मजबूती दी।

निवेशकों के लिए क्या है इस तेजी का मतलब?

रिलायंस के शेयरों में तेजी और सेंसेक्स-निफ्टी में उछाल ने बाजार का माहौल सकारात्मक कर दिया है। मजबूत तिमाही नतीजों, विदेशी निवेशकों की खरीदारी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने बाजार को कई तरफ से समर्थन दिया है।

हालांकि, शेयर बाजार में तेजी और गिरावट दोनों का जोखिम बना रहता है। किसी एक दिन की तेजी को भविष्य के प्रदर्शन की गारंटी नहीं माना जा सकता। निवेशकों के लिए कंपनी के वित्तीय नतीजों और बाजार की परिस्थितियों को समझना महत्वपूर्ण है।

फिलहाल 2 नवंबर की बाजार तेजी में मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे ज्यादा चर्चा में रही। कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजों ने न केवल उसके शेयरों को रफ्तार दी, बल्कि पूरे शेयर बाजार के सेंटीमेंट को भी मजबूती प्रदान की।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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