मुंबई। ‘कांटे’, ‘शूटआउट एट वडाला’, ‘जज्बा’ और ‘काबिल’ जैसी फिल्मों के मशहूर निर्देशक संजय गुप्ता का शुक्रवार रात अपने वर्सोवा स्थित बंगले में एक दर्दनाक हादसे में निधन हो गया। वे लगभग 57-59 वर्ष के थे।
पुलिस और परिवार के अनुसार, शुक्रवार रात संजय गुप्ता बाथरूम में अचानक गिर गए। सिर में गंभीर चोट लगने और बहुत ज्यादा खून बह जाने के कारण मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पूरी रात परिवार को इस हादसे की भनक तक नहीं लगी।
संजय गुप्ता अपनी पत्नी, दो बच्चों और मेड के साथ वर्सोवा पुलिस क्षेत्र के बंगले में रहते थे। हादसे के समय घर के सभी सदस्य सो रहे थे। शनिवार सुबह जब काफी देर तक कोई हलचल नहीं हुई, तब जाकर परिवार को इस दुखद घटना का पता चला।
मुंबई पुलिस का बयान
वर्सोवा पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने साफ कहा कि परिवार ने किसी भी तरह के शक या साजिश से इनकार किया है। फिलहाल मामला एडीआर (अचानक हुई मौत) के रूप में दर्ज किया गया है। शव को पोस्ट-मॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की जांच जारी है।
करियर की झलक
संजय गुप्ता ने 1994 में मल्टी-स्टारर फिल्म ‘आतिश: फील द फायर’ से निर्देशन की शुरुआत की थी। ‘कांटे’ (2002) ने उन्हें बॉलीवुड में अलग पहचान दिलाई। इसके बाद ‘जंग’, ‘खौफ’, ‘जिंदा’, ‘मुसाफिर’, ‘शूटआउट एट वडाला’ जैसी कई क्राइम-थ्रिलर और एक्शन फिल्में उन्होंने बनाईं।
बॉलीवुड इंडस्ट्री में इस अचानक हुई मौत से शोक की लहर दौड़ गई है। परिवार और करीबी दोस्तों को सांत्वना के संदेश दिए जा रहे हैं।








