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October 28, 2026 8:53 pm

तीन बार गोल्ड मेडल जीतने वाले नीरज यादव की मौत से खेल जगत में मातम, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा कारण का राज

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भारतीय खेल जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। एशियन पैरा गेम्स में तीन बार स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले भारतीय पैरा एथलीट नीरज यादव का 42 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद पैरा-एथलेटिक्स जगत में शोक की लहर है। शुरुआती मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 27 अक्टूबर 2026 की रात दिल्ली स्थित उनके फ्लैट में वह संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या कारण रहे, इसे लेकर जांच की जानकारी का इंतजार है।

नीरज यादव पैरा एथलेटिक्स की F55 श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करते थे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियन पैरा गेम्स में तीन स्वर्ण पदक जीते थे। उनके निधन से भारतीय पैरा खेलों से जुड़े खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों के बीच दुख का माहौल है।

एशियन पैरा गेम्स में तीन गोल्ड मेडल जीतकर बनाई पहचान

नीरज यादव ने अपनी खेल प्रतिभा और मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई थी। उन्होंने वर्ष 2018 में जकार्ता में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद वर्ष 2023 में चीन के हांगझोऊ में हुए एशियन पैरा गेम्स में उन्होंने भाला फेंक और चक्का फेंक स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक अपने नाम किए। इस तरह उनके खाते में कुल तीन एशियन पैरा गेम्स गोल्ड मेडल दर्ज हुए।

उनकी उपलब्धियां भारतीय पैरा एथलेटिक्स के लिए महत्वपूर्ण रही हैं। नीरज ने खेल के मैदान पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए देश को गौरवान्वित किया था। उनके निधन की खबर ने उन उपलब्धियों को याद करने के साथ ही खेल जगत को गमगीन कर दिया है।

दिल्ली में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, नीरज यादव मंगलवार रात दिल्ली स्थित अपने फ्लैट में मृत पाए गए थे। इसके बाद उनके निधन से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी सामने आने लगी। बुधवार, 28 अक्टूबर को दिल्ली के गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल में उनके शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया।

शुरुआती रिपोर्टों में उनकी मौत को आत्महत्या से जोड़कर देखा गया है, लेकिन घटना के पीछे की परिस्थितियों और कारणों के बारे में आधिकारिक जांच के निष्कर्षों का इंतजार करना जरूरी है। पोस्टमॉर्टम और संबंधित जांच से मिलने वाली जानकारी ही मौत के कारणों को स्पष्ट करने में मदद कर सकती है।

डोपिंग प्रतिबंध के कारण 2026 एशियन पैरा गेम्स में नहीं ले सके हिस्सा

नीरज यादव के खेल करियर से जुड़ा एक और महत्वपूर्ण पहलू उनका डोपिंग प्रतिबंध रहा। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, डोपिंग नियमों के उल्लंघन के मामले में उन पर चार साल का प्रतिबंध लगाया गया था। इस प्रतिबंध के कारण वह अक्टूबर 2026 में आयोजित आइची-नागोया एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा नहीं ले सके थे।

भारतीय पैरा एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच एस. सत्यनारायण ने नीरज के निधन पर दुख जताया। कुछ मीडिया रिपोर्टों में उन्होंने आशंका व्यक्त की कि प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पाने और प्रतिबंध की परिस्थितियों का उन पर भावनात्मक असर पड़ा हो सकता है। हालांकि, इसे उनकी मौत का प्रमाणित कारण नहीं माना जा सकता। किसी व्यक्ति की मृत्यु के पीछे के कारणों को लेकर बिना आधिकारिक पुष्टि के निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।

खेल जगत में शोक, मौत के कारणों पर जानकारी का इंतजार

नीरज यादव का निधन भारतीय पैरा-एथलेटिक्स के लिए दुखद घटना है। तीन बार एशियन पैरा गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले इस खिलाड़ी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत को गौरव दिलाया था। उनके निधन के बाद उनकी खेल उपलब्धियों और योगदान को याद किया जा रहा है।

फिलहाल, उनकी मौत से जुड़ी परिस्थितियों को लेकर जांच के निष्कर्ष और आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तथा अन्य जांच संबंधी जानकारियों से ही घटना की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। मौत के पीछे के कारणों को लेकर सामने आ रही अटकलों को अंतिम निष्कर्ष मानने से बचना चाहिए।

नीरज यादव का खेल सफर और उनकी उपलब्धियां भारतीय पैरा खेलों के इतिहास का हिस्सा रहेंगी। उनके निधन से खेल जगत में जो शोक है, वह इस बात को भी रेखांकित करता है कि खिलाड़ियों के योगदान को याद रखने के साथ-साथ कठिन परिस्थितियों में उन्हें उचित सहयोग और संवेदनशीलता देना भी महत्वपूर्ण है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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