रसोई में खाना बनाते समय अक्सर दूध या पानी के बर्तन उफनकर गैस चूल्हे पर फैल जाते हैं। ऐसी स्थिति में ज्यादातर लोग तुरंत गैस बंद करके उसे कपड़े से पोंछते हैं और फिर से चूल्हा जलाने की जल्दबाजी करते हैं। लेकिन जानकारों के मुताबिक, यह लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है। गैस स्टोव पर तरल पदार्थ गिरने के बाद कुछ जरूरी सावधानियां बरतना बेहद आवश्यक है।
दूध या पानी गिरने पर सबसे पहले गैस की आपूर्ति बंद कर देनी चाहिए। इसके बाद केवल ऊपरी सतह को साफ करने के बजाय यह देखना जरूरी है कि तरल पदार्थ चूल्हे के अंदरूनी हिस्सों तक तो नहीं पहुंच गया है।
विशेषकर दूध गिरने की स्थिति में वह सूखने के बाद चिपचिपा अवशेष छोड़ देता है, जिससे बर्नर के छिद्र बंद हो सकते हैं। सफाई करने के तुरंत बाद गैस जलाने के बजाय कुछ समय इंतजार करना चाहिए ताकि छुपी हुई नमी पूरी तरह सूख सके।
यदि साफ-सफाई और पर्याप्त इंतजार के बाद भी चूल्हा न जले, तो बार-बार लाइटर या इग्निशन का प्रयास करने से बचना चाहिए। इस स्थिति में बर्नर या नॉब जैसे सामान्य हिस्सों को हटाकर जांच की जा सकती है, लेकिन किसी भी आंतरिक या इलेक्ट्रिकल हिस्से को खुद खोलने की कोशिश न करें।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि चूल्हा साफ करने के बाद भी गैस की हल्की सी भी गंध महसूस हो, तो उसे जलाने की भूल बिल्कुल न करें। ऐसे समय में तुरंत गैस सिलेंडर का रेगुलेटर बंद कर दें और किसी पेशेवर (एक्सपर्ट) मैकेनिक की मदद लें।








