फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के अंदर हुए हमले के बाद इजरायल में सुरक्षा एजेंसियां बेहद अलर्ट हो गई थीं। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, विमान के अचानक ऊंचाई खोने और कॉकपिट में हुए हमले के बाद इजरायल ने आशंका जताई कि विमान का अपहरण कर लिया गया है और यह इजरायल की ओर किसी हमले के लिए बढ़ सकता है। ऐसे हालात में विमान को रोकने के लिए इजरायली लड़ाकू विमानों को तैयार रखा गया था।
कॉकपिट में हमले के बाद बिगड़े हालात
फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान ओमानी को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी ने कथित तौर पर कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया और विमान का नियंत्रण लेने की कोशिश की। इस दौरान विमान की ऊंचाई तेजी से कम हुई। यात्रियों और क्रू के हस्तक्षेप के बाद स्थिति पर काबू पाया गया और विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपात लैंडिंग कराई गई।
इजरायल ने क्यों तैयार किए थे लड़ाकू विमान?
रिपोर्ट के मुताबिक, विमान से संपर्क स्थापित करने में परेशानी और उसके अचानक ऊंचाई खोने के बाद इजरायल को संभावित हाईजैकिंग की आशंका हुई। इसके बाद वहां पहले से मौजूद आपात सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय किए गए और लड़ाकू विमानों को तैयार किया गया। इजरायली सूत्रों के अनुसार, अगर विमान तेल अवीव की दिशा में आगे बढ़ता रहता और उसके हाईजैक होने की पुष्टि होती, तो उसे रोकने के लिए बेहद कड़ा कदम उठाने का विकल्प मौजूद था।
हालांकि, विमान के तेल अवीव की ओर बढ़ने के बजाय सऊदी अरब की दिशा में मुड़ने के बाद स्थिति बदल गई और इजरायल की ओर से कार्रवाई की तैयारी वापस ले ली गई। रिपोर्टों के मुताबिक, सऊदी अरब ने भी विमान की स्थिति को देखते हुए अपनी सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय की थी।
विमान में 170 से ज्यादा यात्री थे
फ्लाइट में 170 से अधिक यात्री सवार थे और इनमें बड़ी संख्या में इजरायली नागरिक बताए गए हैं। इस वजह से घटना को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई थी। यात्रियों और क्रू की मदद से विमान पर नियंत्रण वापस पाया गया और उसे सुरक्षित रूप से तबुक में उतारा गया।
ओमानी को-पायलट की साजिश को लेकर भी खुलासे
जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक, हम्माम अल-हम्मामी ने कथित तौर पर फ्लाईदुबई में नौकरी मिलने से पहले ही हमले की योजना बना ली थी। इजरायली अधिकारियों के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि उसका कथित उद्देश्य विमान को इजरायल में किसी बड़े लक्ष्य से टकराना था। हालांकि, जांच अभी जारी है और मामले में आरोपी के मकसद तथा किसी अन्य व्यक्ति या संगठन की संभावित भूमिका की जांच की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद विमानन सुरक्षा और पायलटों की पृष्ठभूमि जांच को लेकर भी सवाल उठे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली अधिकारियों के पास उड़ान से पहले यात्रियों और क्रू की जानकारी मौजूद थी, लेकिन को-पायलट को लेकर कोई विशेष चेतावनी सामने नहीं आई थी। अब यह जांच का हिस्सा है कि सुरक्षा संबंधी सूचनाओं के बावजूद वह इस उड़ान का हिस्सा कैसे बना।
फिलहाल मामले की जांच संयुक्त अरब अमीरात समेत संबंधित एजेंसियां कर रही हैं। उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट है कि कॉकपिट में हुई घटना के बाद विमान को लेकर बेहद गंभीर सुरक्षा स्थिति पैदा हुई थी, लेकिन समय रहते विमान का नियंत्रण वापस हासिल कर लिया गया और एक बड़ी दुर्घटना टल गई।








