फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में हुई गंभीर घटना की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, सह-पायलट की पृष्ठभूमि को लेकर कई चौंकाने वाले दावे सामने आ रहे हैं। 30 सितंबर 2026 को फ्लाइट FZ1073 में सह-पायलट पर भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने और विमान को अस्थिर करने की कोशिश करने का आरोप लगा था। बाद में विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया।
रिपोर्टों के मुताबिक, सह-पायलट की पहचान ओमानी नागरिक हमाम अल-हमामी के रूप में सामने आई है। जांच के दौरान उसके पुराने रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों को खंगाला जा रहा है। इंडिया टुडे समेत कुछ रिपोर्टों में उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अलकायदा से जुड़े लोगों की तस्वीरें और कथित तौर पर कट्टरपंथी सामग्री मौजूद होने का दावा किया गया है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और घटना से उनके सीधे संबंध की जांच अभी जारी है।
पहले भी उठ चुके थे कट्टरपंथ को लेकर सवाल
रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि सह-पायलट को पहले ओमान में उड़ान भरने से रोका गया था और उसके कथित चरमपंथी विचारों को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं थीं। एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, उसे ओमान में उड़ान से प्रतिबंधित किए जाने की वजह के तौर पर चरमपंथ संबंधी चिंताओं का उल्लेख किया गया है। इसके बाद वह दूसरे विमानन संस्थानों में काम करता रहा और बाद में फ्लाईदुबई से जुड़ा।
इस घटनाक्रम ने सबसे बड़ा सवाल विमानन सुरक्षा और पायलटों की पृष्ठभूमि जांच को लेकर खड़ा किया है। जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि अगर उसके बारे में पहले से सुरक्षा संबंधी चिंताएं थीं, तो वह अंतरराष्ट्रीय यात्री विमान के कॉकपिट तक कैसे पहुंचा।
क्या विमान को जानबूझकर क्रैश करने की कोशिश थी?
घटना के बाद विमान के अचानक अस्थिर होने और सह-पायलट द्वारा कथित तौर पर कॉकपिट में हमला किए जाने की जांच की जा रही है। इजरायली अधिकारियों ने उसके कथित कट्टरपंथीकरण की बात कही है, लेकिन घटना के पीछे वास्तविक मकसद और किसी संगठन से उसके सीधे संबंध को लेकर जांच अभी जारी है। UAE ने भी यह पता लगाने के लिए जांच शुरू की है कि घटना आतंकवादी गतिविधि या पहले से बनाई गई योजना से जुड़ी थी या नहीं।
जांच में कई एजेंसियां जुटीं
घटना के बाद सऊदी अरब, UAE और इजरायल से जुड़ी एजेंसियां मामले की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही हैं। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही हैं कि सह-पायलट की कथित कट्टरपंथी गतिविधियों की जानकारी पहले से किस स्तर तक थी, क्या उसने अकेले यह कदम उठाया और क्या विमान को नुकसान पहुंचाने की कोई पूर्व योजना थी। अधिकारियों की जांच पूरी होने के बाद ही इन सवालों पर स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
फिलहाल अलकायदा कनेक्शन और क्रैश की पूर्व साजिश से जुड़े दावे जांच के दायरे में हैं, इसलिए इन्हें अंतिम रूप से स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जा सकता।








