विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक की 30 सितंबर को दिल्ली में होने वाली अहम बैठक से समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और शिवसेना (UBT) नेता उद्धव ठाकरे की व्यक्तिगत गैरमौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी है। बैठक में चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण, EVM और VVPAT जैसे मुद्दों पर विपक्ष की साझा रणनीति पर चर्चा होनी है।
हालांकि, दोनों नेताओं की गैरमौजूदगी को सीधे तौर पर गठबंधन से दूरी या मतभेद का संकेत मानना जल्दबाजी होगी। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, अखिलेश यादव ने अपनी व्यस्तता का कारण राज्यसभा चुनाव से जुड़ी तैयारियों को बताया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी कहा कि अखिलेश राज्यसभा उम्मीदवारों के नामांकन से जुड़े कार्यक्रमों में व्यस्त हैं और सपा की ओर से प्रतिनिधि बैठक में शामिल होंगे।
अखिलेश यादव की गैरमौजूदगी पर क्यों हो रही चर्चा?
अखिलेश यादव की गैरमौजूदगी ऐसे समय हुई है जब समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सीट बंटवारे की चर्चा अभी अंतिम रूप नहीं ले पाई है। कुछ रिपोर्टों में दोनों दलों के बीच सीटों और गठबंधन की शर्तों को लेकर मतभेदों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, यह स्पष्ट रूप से स्थापित नहीं है कि अखिलेश के बैठक में नहीं आने का कारण सीट शेयरिंग ही है।
वहीं, सपा की ओर से राज्यसभा चुनाव से जुड़ी व्यस्तता को आधिकारिक तौर पर कारण बताया गया है। इसलिए अखिलेश की अनुपस्थिति को लेकर सामने आ रही राजनीतिक अटकलों और आधिकारिक तौर पर बताए गए कारणों में अंतर रखना जरूरी है।
उद्धव ठाकरे भी व्यक्तिगत रूप से नहीं पहुंचेंगे
उद्धव ठाकरे के भी बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, शिवसेना (UBT) की भागीदारी पूरी तरह खत्म नहीं मानी जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार पार्टी की ओर से बैठक में प्रतिनिधित्व किए जाने की संभावना है।
इस वजह से दोनों नेताओं की व्यक्तिगत गैरमौजूदगी को INDIA ब्लॉक से औपचारिक दूरी के तौर पर देखना अभी उचित नहीं होगा। गठबंधन के भीतर अलग-अलग दलों के नेता कई बार अपनी राज्य स्तरीय राजनीतिक प्राथमिकताओं और कार्यक्रमों के कारण बैठकों में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो पाते हैं।
बैठक में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
30 सितंबर की बैठक का मुख्य फोकस चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर है। विपक्षी दल SIR प्रक्रिया, मतदाता सूची, EVM और VVPAT से जुड़े सवालों पर साझा रणनीति बनाने की तैयारी में हैं। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी विपक्ष की आगे की रणनीति पर चर्चा होने की बात सामने आई है।
ऐसे में बैठक का एजेंडा केवल उत्तर प्रदेश या महाराष्ट्र की सीट शेयरिंग तक सीमित नहीं है। INDIA ब्लॉक के सामने चुनावी प्रक्रिया और विपक्षी दलों के बीच साझा अभियान को लेकर भी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं।
क्या गठबंधन में मतभेद हैं?
INDIA ब्लॉक में शामिल अलग-अलग दलों की राज्यवार राजनीतिक परिस्थितियां अलग हैं। उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस के बीच 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सीट बंटवारे पर बातचीत एक अलग मुद्दा है, जबकि महाराष्ट्र में शिवसेना (UBT) की अपनी राजनीतिक परिस्थितियां हैं।
इसलिए अखिलेश यादव और उद्धव ठाकरे की बैठक से गैरमौजूदगी को लेकर अलग-अलग राजनीतिक व्याख्याएं सामने आ रही हैं, लेकिन इससे यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगा कि दोनों नेताओं ने गठबंधन से दूरी बना ली है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी यह बताती है कि दोनों की व्यक्तिगत गैरमौजूदगी के बावजूद उनके दलों का प्रतिनिधित्व बैठक में बना रह सकता है।
आने वाले दिनों में सीट शेयरिंग और चुनावी रणनीति को लेकर सपा-कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों के बीच बातचीत से तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।








