चुनाव आयोग और मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से चुनाव प्रक्रिया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) को लेकर उठाए गए सवालों पर BJP ने पलटवार किया है। BJP नेताओं ने कांग्रेस के चुनावी नतीजों का हवाला देते हुए राहुल गांधी के आरोपों पर सवाल खड़े किए। वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने BJP के जवाब को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस के दावों के पीछे तथ्य और सबूत मौजूद हैं।
BJP ने राहुल गांधी से पूछा- केरल में कांग्रेस कैसे जीती?
CEC विवाद पर BJP की ओर से कांग्रेस पर आरोप लगाए गए कि पार्टी चुनाव हारने के बाद चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाती है। BJP नेता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के दावों पर सवाल उठाते हुए अलग-अलग राज्यों में कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन का उल्लेख किया।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी राहुल गांधी के आरोपों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि चुनाव आयोग की प्रक्रिया में इतनी बड़ी गड़बड़ी थी, तो कांग्रेस केरल में चुनाव कैसे जीत गई। BJP का तर्क है कि अलग-अलग राज्यों में कांग्रेस की चुनावी जीत इस बात पर सवाल खड़ा करती है कि चुनाव प्रक्रिया को एकतरफा या पक्षपातपूर्ण कैसे बताया जा सकता है।
SIR को लेकर राहुल गांधी ने उठाए सवाल
राहुल गांधी ने मतदाता सूची के SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर बदलाव किए जा रहे हैं और इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
BJP ने इन आरोपों को खारिज करते हुए चुनाव आयोग की प्रक्रिया को कानूनी और निर्धारित नियमों के तहत बताया है। BJP नेताओं ने कहा है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस को अपने आरोपों के ठोस आधार सामने रखने चाहिए।
प्रियंका गांधी ने BJP को दिया जवाब
वायनाड में पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रियंका गांधी ने BJP के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जो सवाल उठा रही है, उनके पीछे तथ्य और सबूत हैं। प्रियंका ने कहा कि राहुल गांधी अलग-अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन मुद्दों को सामने रख चुके हैं।
प्रियंका गांधी ने BJP से अपने जवाब में ‘बहाने बनाना बंद करने’ की बात कही और आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े गंभीर सवालों को केवल राजनीतिक बयान बताकर खारिज नहीं किया जा सकता।
चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर भी उठी बहस
इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में SIR को लेकर चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों की रिपोर्ट भी सामने आई है। विपक्षी दलों ने इन रिपोर्टों के आधार पर CEC से जवाबदेही और इस्तीफे की मांग की है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR से जुड़े अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे और आंतरिक तकनीकी टिप्पणियां या सवाल बहु-सदस्यीय संस्था की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हो सकते हैं।
BJP ने भी चुनाव आयोग का बचाव करते हुए विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। BJP नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया कानून के मुताबिक चल रही है और कांग्रेस को अपने चुनावी प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेने के बजाय बार-बार चुनाव प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाना चाहिए।
आरोपों के बीच बढ़ी सियासी गर्मी
CEC और SIR को लेकर चल रहा विवाद अब BJP और कांग्रेस के बीच बड़े राजनीतिक टकराव का मुद्दा बन गया है। एक तरफ राहुल गांधी चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ BJP उनके आरोपों की विश्वसनीयता पर सवाल कर रही है। प्रियंका गांधी के ताजा बयान के बाद कांग्रेस ने भी BJP के जवाब को चुनौती दी है।
फिलहाल विवाद का केंद्र SIR, मतदाता सूची में बदलाव, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और उसके फैसलों की पारदर्शिता को लेकर उठे सवाल हैं। दोनों दल अपने-अपने दावों और तर्कों के साथ आमने-सामने हैं, जबकि चुनाव आयोग ने अपनी प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप बताया है।








