नई दिल्ली: त्योहारी सीजन से पहले चीनी की कीमतों में नरमी से आम लोगों को राहत मिलने लगी है। पिछले कुछ दिनों में देश के कई हिस्सों में चीनी के खुदरा और थोक भाव नीचे आए हैं। सरकार के कदमों के बाद बाजार में सप्लाई बढ़ने और जमाखोरी पर लगाम लगने का असर कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
एक हफ्ते में करीब 4% तक सस्ती हुई चीनी
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, देश में चीनी का औसत खुदरा भाव एक सप्ताह में करीब 3.85% घटकर ₹62.57 प्रति किलो रह गया। वहीं थोक कीमत भी कम हुई है। हालांकि, अलग-अलग शहरों में कीमतों में अंतर बना हुआ है।
दिल्ली से रांची तक कीमतों में राहत
सितंबर की शुरुआत में कई प्रमुख शहरों में चीनी के भाव में लगातार नरमी देखी गई। दिल्ली और रांची समेत कई बाजारों में खुदरा कीमतें पहले के मुकाबले नीचे आई हैं। अगस्त के दौरान कुछ शहरों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े थे, लेकिन अब बाजार में गिरावट का रुख दिखाई दे रहा है।
सरकार के फैसलों का दिख रहा असर
चीनी की बढ़ती कीमतों पर काबू पाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है। इसके अलावा सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए चीनी कारोबारियों की स्टॉक लिमिट भी घटाई है। 15 सितंबर से स्टॉक होल्डिंग लिमिट 4,000 क्विंटल से घटाकर 2,000 क्विंटल कर दी जाएगी।
सरकार ने चीनी मिलों से त्योहारों के दौरान पर्याप्त सप्लाई बनाए रखने और उचित कीमत पर बिक्री सुनिश्चित करने को भी कहा है। दशहरा और दिवाली के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने के कारण चीनी की खपत भी बढ़ जाती है।
आगे और राहत की उम्मीद
सरकार के मुताबिक चीनी के एक्स-मिल भाव में करीब 20% की गिरावट आ चुकी है और इसका असर धीरे-धीरे खुदरा बाजार तक पहुंच रहा है। ऐसे में आने वाले त्योहारी सीजन में कीमतों में और नरमी देखने को मिल सकती है।
हालांकि, अलग-अलग शहरों और दुकानों पर वास्तविक खुदरा भाव अलग हो सकते हैं। इसलिए खरीदारी करते समय स्थानीय बाजार का ताजा रेट जरूर जांचना बेहतर रहेगा।








