अगस्त 2026 यूरोप और दुनिया के लिए भीषण गर्मी और सूखे के लिहाज से बेहद अहम रहा। यूरोपीय संघ की Copernicus Climate Change Service के अनुसार, अगस्त 2026 वैश्विक स्तर पर अब तक का सबसे गर्म अगस्त रहा। वैश्विक औसत सतही तापमान 16.96°C दर्ज किया गया, जो 1991-2020 के औसत से 0.85°C ज्यादा था। यह महीना जुलाई 2023 के साथ संयुक्त रूप से अब तक का सबसे गर्म महीना भी रहा।
यूरोप में गर्मी और सूखे का असर
यूरोप में अगस्त का औसत तापमान 20.26°C रहा, जो सामान्य से 1.10°C अधिक था। फ्रांस, इटली, हंगरी, रोमानिया और बाल्कन क्षेत्र के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से करीब 3 से 5°C तक ज्यादा रहा। पश्चिमी यूरोप में जून से अगस्त तक का मौसम रिकॉर्ड स्तर पर सबसे गर्म रहा।
लगातार गर्मी और कम बारिश ने यूरोप के कई हिस्सों में सूखे की स्थिति को और गंभीर कर दिया। अगस्त में पश्चिमी, मध्य और पूर्वी यूरोप के बड़े हिस्सों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। मिट्टी में नमी का स्तर भी बेहद कम रहा, जिससे खेती और जल संसाधनों पर दबाव बढ़ा।
नदियों का जलस्तर भी रिकॉर्ड निचले स्तर पर
सूखे का सबसे बड़ा असर यूरोप की प्रमुख नदियों पर दिखाई दिया। राइन, डेन्यूब, लोयर, पो और अन्य नदियों में कई जगह जल प्रवाह असामान्य रूप से कम रहा। कुछ स्थानों पर रिकॉर्ड निचले जलस्तर की स्थिति बनी।
कम जलस्तर का असर नदी परिवहन, सिंचाई, ऊर्जा उत्पादन और स्थानीय पारिस्थितिकी पर भी पड़ा। कुछ इलाकों में पानी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध तक लगाने पड़े।
आगे भी चुनौती बनी रह सकती है
वैज्ञानिकों के मुताबिक, लगातार बढ़ता वैश्विक तापमान और बदलते मौसम के पैटर्न यूरोप में गर्मी और सूखे की घटनाओं को और गंभीर बना सकते हैं। अगस्त के रिकॉर्ड तापमान के साथ समुद्र की सतह का तापमान भी रिकॉर्ड स्तर पर रहा, जबकि El Niño की स्थिति भी मजबूत हो रही है।
यानी 2026 की गर्मियों ने एक बार फिर संकेत दिया है कि हीटवेव, सूखा और बेहद कम नदी प्रवाह अब यूरोप के लिए बड़ी जलवायु चुनौती बनते जा रहे हैं।








