नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। बाढ़ और ग्लेशियर टूटने से कई इलाकों में भारी तबाही हुई है। नेपाल सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अब तक 1,367 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि करीब 5,100 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक राहत और खोज अभियान के साथ प्रभावित इलाकों में जरूरी सेवाएं बहाल करने की कोशिश भी जारी है।
भारत ने भेजी 8वीं राहत खेप
नेपाल में संकट के बीच भारत लगातार मानवीय सहायता पहुंचा रहा है। भारतीय वायुसेना का C-17 विमान 35 टन राहत सामग्री और विशेष उपकरण लेकर काठमांडू पहुंचा। यह नेपाल के लिए भारत की ओर से भेजी गई आठवीं विशेष उड़ान है।
भारत की ओर से भेजी जा रही सहायता में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए जरूरी सामग्री और उपकरण शामिल हैं। भारत अब तक आठ विशेष उड़ानों के जरिए 130 टन से अधिक राहत सामग्री नेपाल भेज चुका है। इसके अलावा भारत ने राहत, बचाव और फोरेंसिक कार्यों में मदद के लिए 54 विशेषज्ञों को भी तैनात किया है।
हजारों लोगों की तलाश जारी
नेपाल में बाढ़ प्रभावित इलाकों में अब भी बड़ी संख्या में लोगों की तलाश की जा रही है। नेपाल के विदेश मंत्रालय के अनुसार, 13,646 लोगों को अब तक बचाया जा चुका है, जिनमें 300 से ज्यादा विदेशी नागरिक शामिल हैं। करीब 5,100 लोगों के लापता होने की जानकारी है।
लापता लोगों की पहचान और बरामद शवों की शिनाख्त के लिए नेपाल के साथ भारत समेत कई देशों की फोरेंसिक टीमें काम कर रही हैं। नेपाल सरकार के मुताबिक डीएनए पहचान प्रक्रिया को भी तेज किया जा रहा है।
सड़कों और संचार व्यवस्था को बहाल करने की कोशिश
बाढ़ से कई सड़कें, पुल और दूसरी जरूरी आधारभूत सुविधाएं प्रभावित हुई हैं। प्रशासन प्रभावित इलाकों तक राहत पहुंचाने के साथ-साथ सड़क, बिजली और दूरसंचार सेवाओं को बहाल करने में जुटा है।
वहीं, राहत सामग्री को उन इलाकों तक पहुंचाने के लिए नए तरीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और कई जगहों पर क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों के कारण राहत अभियान के सामने बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं।
भारत की मदद लगातार जारी
नेपाल की इस प्राकृतिक आपदा के बाद भारत ने शुरुआती दिनों से ही राहत अभियान में सहयोग किया है। राहत सामग्री के साथ भारतीय टीमें खोज-बचाव और शवों की पहचान से जुड़े कार्यों में भी नेपाल की मदद कर रही हैं।
फिलहाल नेपाल में राहत और बचाव अभियान जारी है और अधिकारियों की प्राथमिकता प्रभावित लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने, लापता लोगों की तलाश करने और बुनियादी सुविधाओं को जल्द बहाल करने की है।








